क्रूड ऑयल में गिरावट के बीच पेट्रोल-डीजल कब सस्ता होगा

दामों को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।

Update: 2026-06-21 12:56 GMT

Business बिजनेस : ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते के ऐलान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। समझौते के बाद क्रूड ऑयल के दाम करीब 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के आसपास आ गए हैं। पिछले एक सप्ताह में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल बढ़ गई है।

शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में हल्की तेजी देखी गई, जहां यह 66 सेंट या 0.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ 80.38 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। हालांकि, कुल मिलाकर पिछले कुछ दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का रुख बना हुआ है, जिससे आने वाले समय में ईंधन के दामों को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इसका सीधा असर घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के सस्ते होने का फायदा धीरे-धीरे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है, लेकिन इसकी रफ्तार कई घरेलू कारकों पर निर्भर करेगी।

गौरतलब है कि पहले कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा था। इस स्थिति को संभालने के लिए सरकार की ओर से 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी में कटौती की गई थी। इसके बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7.5 रुपये तक की बढ़ोतरी का असर देखा गया था।

अब जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी दिख रही है, तो उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में राहत मिल सकती है। हालांकि, तेल कंपनियों की लागत, टैक्स संरचना और वैश्विक सप्लाई चेन की स्थिति भी कीमतों को प्रभावित करती रहेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्रूड ऑयल इसी स्तर पर स्थिर रहता है या और गिरावट आती है, तो घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती संभव हो सकती है। लेकिन फिलहाल कंपनियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

इस तरह ईरान-अमेरिका समझौते के बाद वैश्विक तेल बाजार में आई हलचल का सीधा असर आने वाले समय में भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर देखने को मिल सकता है।

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