नई दिल्ली। दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल **ओरैकल (Oracle)** एक बार फिर कर्मचारियों की छंटनी को लेकर चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी अपने खर्चों को कम करने और कारोबारी रणनीति में बदलाव के तहत एक और दौर की छंटनी की तैयारी कर रही है। इससे पहले कंपनी कई चरणों में हजारों कर्मचारियों को नौकरी से हटा चुकी है।
बताया जा रहा है कि ओरैकल में अब तक करीब **21,000 कर्मचारियों की छंटनी** हो चुकी है। कंपनी का यह कदम ऐसे समय आया है जब पूरी दुनिया की टेक इंडस्ट्री आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और ऑटोमेशन की वजह से बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है।
हालांकि कंपनी की ओर से सभी नई छंटनियों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अलग-अलग विभागों में कर्मचारियों की संख्या कम की जा रही है।
टेक सेक्टर में क्यों बढ़ रही छंटनी?
पिछले कुछ वर्षों में दुनिया भर की टेक कंपनियों ने बड़े स्तर पर कर्मचारियों की कटौती की है।
कोरोना महामारी के दौरान कई कंपनियों ने तेजी से विस्तार किया था। उस समय ऑनलाइन सेवाओं, क्लाउड और डिजिटल प्लेटफॉर्म की मांग तेजी से बढ़ी थी।
लेकिन महामारी के बाद बाजार की स्थिति बदली। कंपनियों ने खर्चों की समीक्षा शुरू की और कई जगह कर्मचारियों की संख्या कम करने का फैसला लिया।
इसके अलावा AI तकनीक के तेजी से बढ़ने से भी कंपनियां अपने काम करने के तरीकों में बदलाव कर रही हैं।
AI और ऑटोमेशन का बढ़ता असर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब टेक कंपनियों की रणनीति का सबसे बड़ा हिस्सा बन चुका है।
कंपनियां AI आधारित सिस्टम में निवेश बढ़ा रही हैं ताकि कम समय और कम लागत में ज्यादा काम किया जा सके।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि AI से कुछ पारंपरिक नौकरियों पर असर पड़ सकता है, जबकि नई तरह की नौकरियां भी पैदा होंगी।
ओरैकल जैसी कंपनियां भी क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और AI सेवाओं पर अपना ध्यान बढ़ा रही हैं।
ऐसे में कंपनी अपने संसाधनों को उन क्षेत्रों में लगाने की कोशिश कर रही है जहां भविष्य में ज्यादा विकास की संभावना है।
ओरैकल का कारोबार मॉडल बदल रहा है
ओरैकल लंबे समय से डेटाबेस सॉफ्टवेयर के लिए जानी जाती रही है।
लेकिन अब कंपनी का बड़ा फोकस क्लाउड कंप्यूटिंग और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर है।
क्लाउड सेक्टर में अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कंपनियों से मुकाबला बढ़ गया है।
इस प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए ओरैकल लगातार अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर रही है।
कंपनी ज्यादा निवेश उन क्षेत्रों में करना चाहती है जहां उसे भविष्य में ज्यादा ग्रोथ दिखाई दे रही है।
कर्मचारियों पर पड़ा असर
छंटनी का सबसे बड़ा असर कंपनी के कर्मचारियों पर पड़ता है।
नौकरी जाने के बाद कर्मचारियों को नई नौकरी तलाशने, आर्थिक दबाव और करियर बदलाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
टेक सेक्टर में काम करने वाले कई पेशेवर अब अपने कौशल को अपडेट करने पर ध्यान दे रहे हैं।
AI, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी और डेटा जैसे क्षेत्रों में नई स्किल सीखना अब जरूरी माना जा रहा है।
क्या सिर्फ ओरैकल ही कर रही छंटनी?
नहीं, पिछले कुछ समय में कई बड़ी टेक कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या घटाई है।
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, मेटा और कई अन्य कंपनियों ने अलग-अलग समय पर छंटनी की घोषणा की है।
इन कंपनियों का कहना रहा है कि बदलती बाजार परिस्थितियों, लागत नियंत्रण और रणनीतिक प्राथमिकताओं के कारण यह कदम उठाना पड़ा।
भारत में भी पड़ सकता है असर?
ओरैकल का भारत में बड़ा ऑपरेशन है।
कंपनी के कई कर्मचारी भारत में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, सपोर्ट, क्लाउड और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में काम करते हैं।
अगर वैश्विक स्तर पर छंटनी बढ़ती है तो इसका असर भारत के कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है।
हालांकि हर छंटनी का प्रभाव अलग-अलग देशों और विभागों पर अलग हो सकता है।
कंपनियां आमतौर पर उन क्षेत्रों में ज्यादा बदलाव करती हैं जहां उन्हें लागत कम करने या संरचना बदलने की जरूरत महसूस होती है।
शेयर बाजार और निवेशकों की नजर
कंपनियों के लिए छंटनी का फैसला कई बार निवेशकों को सकारात्मक संकेत भी देता है क्योंकि इससे खर्च कम हो सकता है।
लेकिन दूसरी ओर लगातार छंटनी यह भी संकेत दे सकती है कि कंपनी अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव कर रही है।
निवेशक यह देखते हैं कि कंपनी की आय, विकास दर और भविष्य की रणनीति कैसी है।
ओरैकल के लिए क्लाउड और AI बिजनेस भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीदों में शामिल हैं।
कर्मचारियों के लिए बदलता दौर
टेक इंडस्ट्री में अब केवल डिग्री और पुराने अनुभव से काम नहीं चल रहा।
कंपनियां तेजी से बदलती तकनीक के अनुसार कर्मचारियों से नई क्षमताओं की उम्मीद कर रही हैं।
AI टूल्स का इस्तेमाल, मशीन लर्निंग, क्लाउड प्लेटफॉर्म और डेटा एनालिटिक्स जैसी स्किल्स की मांग बढ़ रही है।
जो कर्मचारी लगातार सीखते रहते हैं, उनके लिए नए अवसर भी बन रहे हैं।
ओरैकल का भविष्य का फोकस
ओरैकल की रणनीति अब क्लाउड और AI सेवाओं के विस्तार पर केंद्रित है।
कंपनी ने हाल के वर्षों में AI कंपनियों और बड़े क्लाउड ग्राहकों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया है।
AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डेटा सेंटर और क्लाउड कंप्यूटिंग की मांग बढ़ रही है।
ओरैकल इसी बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।
क्या छंटनी आगे भी जारी रहेगी?
टेक सेक्टर में विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कंपनियां लगातार अपने कर्मचारियों और खर्चों की समीक्षा करती रहेंगी।
नई तकनीक आने के साथ कुछ नौकरियों की प्रकृति बदलेगी और कुछ नई भूमिकाएं सामने आएंगी।
इसलिए आने वाला दौर कर्मचारियों और कंपनियों दोनों के लिए बदलाव का दौर होगा।
नौकरी बचाने के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों के अनुसार टेक कर्मचारियों को लगातार अपनी स्किल अपडेट करनी चाहिए।
कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्र जिनमें अवसर बढ़ सकते हैं—
* आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
* क्लाउड कंप्यूटिंग
* साइबर सिक्योरिटी
* डेटा साइंस
* ऑटोमेशन
इसके अलावा कम्युनिकेशन स्किल और समस्या समाधान की क्षमता भी करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।