टोयोटा किर्लोस्कर मोटर का बड़ा निवेश, KWIN सिटी में 1,200 करोड़ का ‘बिज़इंटेल हब’ बनेगा
Business बिजनेस: टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने कर्नाटक में बड़े औद्योगिक निवेश की दिशा में कदम बढ़ाते हुए राज्य सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। कंपनी ने KWIN सिटी में अपना ‘बिज़इंटेल हब’ स्थापित करने के लिए 1,200 करोड़ रुपये के निवेश का एग्रीमेंट सोमवार को साइन किया।
यह समझौता टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के COO और स्पेशल प्रोजेक्ट्स डायरेक्टर सुदीप दलवी तथा कर्नाटक सरकार के उद्योग विभाग के प्रधान सचिव एस. सेल्वाकुमार द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उद्योग मंत्री एम. बी. पाटिल की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर दोनों पक्षों के बीच औपचारिक दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी हुआ।
प्रोजेक्ट के तहत KWIN सिटी में विकसित होने वाला यह ‘बिज़इंटेल हब’ कंपनी के लिए एक अत्याधुनिक सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यह हब तकनीक, नवाचार और औद्योगिक प्रक्रियाओं के समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है। कंपनी का मानना है कि यह सुविधा भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित की जाएगी।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना को पूरा समर्थन देगी और इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह जानकर खुशी हुई कि यह परियोजना अपनी तरह की दुनिया की पहली अत्याधुनिक सुविधा होगी, जो कर्नाटक को औद्योगिक नवाचार के मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाएगी।
उद्योग मंत्री एम. बी. पाटिल ने भी इस निवेश को राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट कर्नाटक में रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को गति देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
टोयोटा की ओर से कहा गया है कि यह हब कंपनी की भविष्य की रणनीति का अहम हिस्सा होगा और इससे न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि तकनीकी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना स्थानीय स्तर पर स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के निवेश से कर्नाटक की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी और राज्य देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभरेगा।
कुल मिलाकर, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर का यह 1,200 करोड़ रुपये का निवेश कर्नाटक के औद्योगिक विकास और तकनीकी प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।