वेदांता की इस कंपनी ने की दमदार वापसी, मुनाफा बढ़ा लेकिन शेयर अब भी कमजोर

Update: 2026-07-29 14:02 GMT

बिजनेस : वेदांता लिमिटेड के डीमर्जर के बाद हाल ही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई वेदांता ऑयल एंड गैस ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए घाटे से उबरकर मुनाफे में वापसी की है। कंपनी ने बुधवार को अपने अप्रैल-जून तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए, जिनमें 945 करोड़ रुपये का समेकित (कंसॉलिडेटेड) शुद्ध लाभ दर्ज किया गया। यह प्रदर्शन निवेशकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 104 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में भी कंपनी को 479 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था।

बेहतर तिमाही नतीजों का असर कंपनी के शेयरों पर भी देखने को मिला। बुधवार को बीएसई पर वेदांता ऑयल एंड गैस का शेयर 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 35.16 रुपये पर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घाटे से मुनाफे में वापसी और राजस्व में हुई बढ़ोतरी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।

कंपनी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसे 441 करोड़ रुपये का नेट एक्सेप्शनल लॉस भी झेलना पड़ा। इसके बावजूद कंपनी का समेकित लाभ 945 करोड़ रुपये रहा, जो परिचालन क्षमता और लागत प्रबंधन में सुधार का संकेत देता है। यह नतीजा दर्शाता है कि कंपनी ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच भी अपने व्यवसाय को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाया है।

राजस्व के मोर्चे पर भी कंपनी ने सकारात्मक प्रदर्शन किया। अप्रैल से जून 2026 की अवधि में परिचालन से होने वाली आय सालाना आधार पर लगभग 8.5 प्रतिशत बढ़कर 2,507 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी का परिचालन राजस्व 2,311 करोड़ रुपये था। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण उत्पादन गतिविधियों में सुधार और बाजार में बेहतर मांग को माना जा रहा है।

हालांकि, कंपनी के परिचालन लाभ यानी ईबीआईटीडीए (EBITDA) में मामूली गिरावट दर्ज की गई। पहली तिमाही में ईबीआईटीडीए सालाना आधार पर करीब 3 प्रतिशत घटकर 1,232 करोड़ रुपये रहा। विश्लेषकों का कहना है कि लागत और अन्य परिचालन खर्चों में वृद्धि के कारण ईबीआईटीडीए पर कुछ दबाव देखने को मिला, लेकिन कुल मिलाकर कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा।

वेदांता ऑयल एंड गैस का यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि डीमर्जर के बाद यह कंपनी पहली बार स्वतंत्र इकाई के रूप में अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही है। ऐसे में शुरुआती तिमाही में मुनाफे में वापसी कंपनी की रणनीति और संचालन क्षमता को मजबूत साबित करती है। निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में कंपनी अपने परिचालन को और विस्तार देगी तथा लाभप्रदता बनाए रखने में सफल रहेगी।

बाजार जानकारों का कहना है कि तेल एवं गैस क्षेत्र में मांग लगातार बनी हुई है और यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें संतुलित रहती हैं तो कंपनी के लिए आगे भी सकारात्मक माहौल बना रह सकता है। साथ ही, उत्पादन बढ़ाने और परिचालन दक्षता सुधारने के प्रयास कंपनी की आय में और मजबूती ला सकते हैं।

डीमर्जर के बाद वेदांता समूह की अलग-अलग कंपनियां अपने-अपने क्षेत्रों पर अधिक फोकस कर रही हैं। ऐसे में वेदांता ऑयल एंड गैस के ताजा नतीजे यह संकेत देते हैं कि कंपनी स्वतंत्र रूप से भी मजबूत वित्तीय प्रदर्शन करने की क्षमता रखती है। निवेशकों की नजर अब आने वाली तिमाहियों के प्रदर्शन पर रहेगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि कंपनी अपनी विकास गति को कितनी मजबूती से बनाए रख पाती है।

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