नई दिल्ली। लगातार तेजी के बाद चांदी की कीमतों में अब गिरावट देखने को मिली है। सर्राफा बाजार में सोमवार को चांदी के भाव में नरमी दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे चांदी के दाम पर अब ब्रेक लग गया है। 24 अगस्त को देश में चांदी का भाव करीब 2,45,735 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जो पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में लगभग 864 रुपये कम है।
चांदी में आई इस गिरावट से खरीदारी की योजना बना रहे लोगों को थोड़ी राहत मिली है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में जहां त्योहारों और शुभ अवसरों पर चांदी के आभूषण, सिक्के और अन्य सामान खरीदने की परंपरा है, वहां ग्राहकों की नजर अब नए भाव पर बनी हुई है।
एक हफ्ते में जबरदस्त तेजी के बाद आई गिरावट
चांदी की कीमतों में पिछले सप्ताह जबरदस्त उछाल देखने को मिला था। कुछ ही दिनों में चांदी के भाव में करीब 14 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक की तेजी दर्ज की गई थी। लेकिन सोमवार को बाजार खुलने के बाद तेजी का सिलसिला थम गया और कीमतों में मामूली गिरावट आई।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, डॉलर की स्थिति और निवेशकों की खरीद-बिक्री का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ता है। चांदी को सिर्फ आभूषण ही नहीं बल्कि औद्योगिक धातु के रूप में भी देखा जाता है, इसलिए इसकी कीमतें कई वैश्विक कारणों से प्रभावित होती हैं।
यूपी-बिहार में चांदी का क्या रहा भाव?
उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों में सोमवार को चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली। लखनऊ, पटना और आसपास के बाजारों में चांदी का भाव करीब 2.45 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रहा।
हालांकि, स्थानीय बाजारों में कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है। ज्वैलर्स द्वारा लगाए जाने वाले मेकिंग चार्ज, शुद्धता और अन्य शुल्क के कारण ग्राहकों को अंतिम कीमत अलग मिल सकती है।
खरीदारी करने वालों के लिए राहत
लगातार बढ़ती कीमतों के बीच चांदी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह गिरावट राहत देने वाली मानी जा रही है। शादी-विवाह, त्योहारों या निवेश के लिए चांदी खरीदने वाले लोग अब बाजार पर नजर बनाए हुए हैं।
चांदी को लंबे समय से सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखा जाता है। लोग चांदी के सिक्के, बिस्किट और आभूषण खरीदकर भविष्य के लिए निवेश करते हैं। हालांकि, निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति और कीमतों के उतार-चढ़ाव को समझना जरूरी है।
क्यों बदलते हैं चांदी के दाम?
चांदी की कीमतों में बदलाव के पीछे कई कारण होते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग और आपूर्ति, औद्योगिक उपयोग, डॉलर की मजबूती, महंगाई और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां इसके भाव को प्रभावित करती हैं।
इसके अलावा त्योहारों और शादी के सीजन में मांग बढ़ने से भी कीमतों में तेजी आ सकती है। वहीं, निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली होने पर दाम नीचे आ सकते हैं।
सोने के मुकाबले चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव
सोने की तुलना में चांदी के दामों में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इसकी वजह यह है कि चांदी का इस्तेमाल आभूषणों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है।
यही कारण है कि वैश्विक आर्थिक गतिविधियों का असर चांदी पर तेजी से दिखाई देता है। निवेशक भी चांदी में अवसर तलाशते रहते हैं और कीमत बढ़ने पर मुनाफा कमाने की कोशिश करते हैं।
आगे क्या हो सकता है?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि, त्योहारों के सीजन में मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए कीमतों पर नजर बनी रहेगी।
अगर आप चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो खरीदारी से पहले अपने शहर के स्थानीय ज्वैलर से ताजा भाव जरूर पता कर लें। साथ ही चांदी की शुद्धता और बिल की जांच करना भी जरूरी है।
फिलहाल चांदी की तेजी पर थोड़ी रोक जरूर लगी है, लेकिन बाजार में इसकी मांग और निवेशकों की रुचि बनी हुई है। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और घरेलू मांग यह तय करेंगे कि चांदी की कीमत किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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