शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स 776 अंक चढ़ा; निफ्टी ने भी दर्ज की बढ़त

Update: 2026-07-27 11:08 GMT

मुंबई: भारतीय शेयर बाजारों ने सोमवार को शानदार वापसी की और लगातार पांच कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। वैश्विक संकेतों में सुधार, कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसके चलते घरेलू बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स सोमवार को 776.01 अंक यानी 1.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,835.78 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 841.74 अंक की तेजी के साथ 76,901.51 के ऊपरी स्तर को भी छुआ। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में लगातार दबाव झेल रहे बाजार को सोमवार की तेजी से राहत मिली।

इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी बढ़त के साथ बंद हुआ। निफ्टी 228.50 अंक यानी 0.96 प्रतिशत चढ़कर 23,995.95 अंक पर पहुंच गया। इस तेजी के साथ निफ्टी ने भी पिछले पांच दिनों से जारी गिरावट के दौर को समाप्त कर दिया।

बाजार में तेजी के पीछे कई प्रमुख कारण रहे। सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को माना जा रहा है। तेल की कीमतों में कमी से भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को फायदा मिलता है, क्योंकि इससे महंगाई और कंपनियों की लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

इसके अलावा, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने से वैश्विक निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव के कारण बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई थी। तनाव घटने से निवेशकों का जोखिम लेने का भरोसा वापस लौटा और उन्होंने शेयरों में खरीदारी बढ़ाई।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद कई अच्छे शेयर आकर्षक मूल्य स्तर पर पहुंच गए थे। ऐसे में निवेशकों ने खरीदारी के मौके का फायदा उठाया। बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, ऑटो और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में मजबूती देखने को मिली।

सोमवार के कारोबार में बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया। निवेशकों ने बाजार में सकारात्मक माहौल का लाभ उठाते हुए कई क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया।

हालांकि, बाजार विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि वैश्विक घटनाक्रमों और आर्थिक आंकड़ों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों की दिशा, कच्चे तेल की कीमतें और केंद्रीय बैंकों की नीतियां आने वाले दिनों में बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं।

पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजारों में लगातार पांच कारोबारी सत्रों तक गिरावट दर्ज की गई थी। इस दौरान निवेशकों में सतर्कता का माहौल रहा और कई प्रमुख शेयरों पर दबाव देखा गया। सोमवार की तेजी ने बाजार में सकारात्मक भावना को वापस लाने का काम किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को लंबी अवधि के नजरिये से निवेश रणनीति बनानी चाहिए। केवल अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के आधार पर फैसले लेने के बजाय कंपनियों के प्रदर्शन और आर्थिक परिस्थितियों का आकलन करना जरूरी है।

सोमवार की तेजी के बावजूद बाजार के सामने कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में होने वाले बदलावों का असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ सकता है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। निवेशकों के रुख में बदलाव से आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय हो सकती है।

कुल मिलाकर, सोमवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत भरा रहा। पांच दिनों की लगातार गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में आई मजबूती ने निवेशकों को सकारात्मक संकेत दिए हैं। अब बाजार की नजर आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों पर रहेगी।

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