कोर सेक्टर की ग्रोथ में सुस्ती, मई 2026 में सिर्फ 0.5% की बढ़त दर्ज
उत्पादन की रफ्तार धीमी रही
Business व्यापार : देश की आर्थिक स्थिति को दर्शाने वाले आठ प्रमुख उद्योगों (Core Industries) के ताज़ा आंकड़े जारी किए गए हैं। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce & Industry) द्वारा प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के माध्यम से जारी रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में कोर सेक्टर की वृद्धि दर में बेहद मामूली बढ़त दर्ज की गई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि मई 2026 में आठ प्रमुख उद्योगों के संयुक्त सूचकांक में मई 2025 की तुलना में केवल 0.5 प्रतिशत (अनंतिम) की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि पिछले महीनों की तुलना में काफी धीमी मानी जा रही है, जो औद्योगिक गतिविधियों में सुस्ती की ओर संकेत करती है।
इन आठ प्रमुख उद्योगों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली क्षेत्र शामिल होते हैं। ये सभी सेक्टर देश की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति का मुख्य आधार माने जाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में कुछ सेक्टरों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि कुछ में गिरावट देखने को मिली। विशेष रूप से इस्पात और सीमेंट सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करते हुए कुल सूचकांक को सहारा दिया। निर्माण गतिविधियों में आंशिक तेजी के कारण इन क्षेत्रों में मांग बनी रही।
हालांकि, अन्य कई क्षेत्रों में उत्पादन की रफ्तार धीमी रही, जिससे कुल ग्रोथ पर दबाव बना रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और घरेलू मांग में अस्थिरता का असर कोर सेक्टर की वृद्धि पर देखने को मिल रहा है।
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, कोर सेक्टर की यह धीमी वृद्धि आने वाले महीनों में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) पर भी असर डाल सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से बुनियादी ढांचे पर बढ़ते निवेश से आने वाले समय में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।