IT विभाग को सीतारमण की करदाताओं पर सलाह

Update: 2026-07-25 05:49 GMT

नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को आयकर विभाग (Income Tax Department) से कहा कि वह ईमानदार करदाताओं की सुविधा और सम्मान का विशेष ध्यान रखे। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि कर कानूनों के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल संवेदनशीलता और विनम्रता के साथ किया जाना चाहिए। वित्त मंत्री ने कहा कि करदाता केवल टैक्स जमा करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि देश के विकास में भागीदार नागरिक भी है।

'इंडियन टैक्स डे' के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने आयकर विभाग की भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि विभाग को करदाताओं के साथ सहयोगी रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार करदाता अनजाने में छोटी-मोटी गलतियां कर देते हैं, ऐसे मामलों में उन्हें अपनी गलती सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि कर प्रशासन का उद्देश्य केवल राजस्व संग्रह करना नहीं होना चाहिए, बल्कि करदाताओं के बीच विश्वास का माहौल बनाना भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि टैक्स व्यवस्था तभी मजबूत होगी, जब आम लोग इसे निष्पक्ष और भरोसेमंद मानेंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स कानून सरकार को कई अधिकार प्रदान करते हैं, लेकिन इन अधिकारों का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का व्यवहार करदाताओं के अनुभव को प्रभावित करता है और इसलिए हर स्तर पर पारदर्शिता, निष्पक्षता और सम्मान बनाए रखना जरूरी है।

उन्होंने कहा, "टैक्सपेयर सिर्फ टैक्स देने वाला व्यक्ति नहीं होता; वह एक नागरिक और भारत के विकास में भागीदार भी होता है।" वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि करदाताओं का योगदान देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने और सार्वजनिक सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सीतारमण ने आयकर विभाग की डिजिटल पहलों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से कर प्रणाली को अधिक आसान, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल बनाया जा रहा है। ऑनलाइन सेवाओं, फेसलेस असेसमेंट और डिजिटल प्रक्रियाओं के जरिए करदाताओं के लिए सुविधाएं बढ़ी हैं।

उन्होंने कहा कि आधुनिक कर प्रशासन में नागरिकों की सुविधा सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ईमानदार करदाताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

वित्त मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे करदाताओं की समस्याओं को समझें और उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि कर व्यवस्था में विश्वास बढ़ाने के लिए विभाग और करदाताओं के बीच बेहतर संवाद जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान आयकर विभाग की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि विभाग कर चोरी रोकने के साथ-साथ ईमानदार करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर काम कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कर प्रशासन में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। एक ओर जहां सरकार को राजस्व की जरूरत होती है, वहीं दूसरी ओर करदाताओं के अधिकारों और सुविधाओं का संरक्षण भी महत्वपूर्ण है। वित्त मंत्री का संदेश इसी संतुलन को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में करदाताओं की भूमिका अहम है। इसलिए विभाग को ऐसा माहौल तैयार करना चाहिए, जहां लोग स्वेच्छा से कर भुगतान के लिए प्रेरित हों।

वित्त मंत्री ने अधिकारियों को यह भी संदेश दिया कि ईमानदार करदाताओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने से कर व्यवस्था में लोगों का भरोसा और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कर कानूनों का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि एक मजबूत और निष्पक्ष व्यवस्था तैयार करना है।

सरकार लगातार कर प्रणाली को सरल बनाने और अनुपालन बढ़ाने के प्रयास कर रही है। ऐसे में वित्त मंत्री का यह निर्देश आयकर विभाग के कामकाज में करदाता-केंद्रित दृष्टिकोण को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

'इंडियन टैक्स डे' के मौके पर दिए गए इस संदेश में वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि देश के विकास में करदाताओं की भागीदारी को सम्मान दिया जाना चाहिए। उन्होंने आयकर अधिकारियों से अपील की कि वे कानून के पालन के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण को भी प्राथमिकता दें।

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