Mumbai मुंबई : बाजार नियामक सेबी ने गुरुवार को अडानी समूह और उसके अध्यक्ष गौतम अडानी को अमेरिका स्थित हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए आरोपों से मुक्त कर दिया। इन आरोपों में संबंधित पक्ष लेनदेन को छिपाने के लिए तीन संस्थाओं के माध्यम से धन भेजने का आरोप लगाया गया था। दो अलग-अलग आदेशों में, नियामक ने कोई उल्लंघन नहीं पाया और कहा कि उस समय असंबंधित पक्षों के साथ ऐसे लेनदेन संबंधित पक्ष लेनदेन के रूप में योग्य नहीं थे (इस परिभाषा का विस्तार 2021 के संशोधन के बाद ही किया गया था)।
इसने यह भी नोट किया कि ऋण ब्याज सहित चुकाए गए थे, कोई धनराशि गबन नहीं की गई थी, और इसलिए कोई धोखाधड़ी या अनुचित व्यापार व्यवहार नहीं हुआ था। तदनुसार, अडानी समूह के खिलाफ सभी कार्यवाही रद्द कर दी गई है। जनवरी 2021 में, हिंडनबर्ग ने आरोप लगाया था कि अडानी समूह ने तीन कंपनियों - एडिकॉर्प एंटरप्राइजेज, माइलस्टोन ट्रेडलिंक्स और रेहवर इंफ्रास्ट्रक्चर - का इस्तेमाल अडानी समूह की फर्मों के बीच धन भेजने के लिए माध्यम के रूप में किया। दावा यह था कि इससे अडानी को संबंधित पक्ष लेनदेन संबंधी नियमों से बचने में मदद मिली, जिससे संभवतः निवेशकों को गुमराह किया गया।
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