पुणे। आज के दौर में जहां बड़ी संख्या में नौकरीपेशा युवा होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड की ईएमआई चुकाने में अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च कर रहे हैं, वहीं पुणे के 35 वर्षीय टेक प्रोफेशनल शुभ पाटिल ने अपनी बचत और निवेश के जरिए करीब चार करोड़ रुपये का वेल्थ पोर्टफोलियो तैयार किया है। खास बात यह है कि शुभ पर किसी तरह का लोन नहीं है और न ही उन्हें हर महीने कोई ईएमआई चुकानी पड़ती है। वर्तमान में वह दिग्गज टेक कंपनी सेल्सफोर्स (Salesforce) में काम कर रहे हैं और उनका सालाना सैलरी पैकेज करीब 40 लाख रुपये है। अब उनका अगला लक्ष्य 40 साल की उम्र तक 10 करोड़ रुपये का फंड तैयार करना और कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर किसी शांत छोटे शहर में जीवन बिताना है।
शुभ पाटिल की वित्तीय यात्रा की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने अपनी बढ़ती सैलरी के साथ खर्च बढ़ाने के बजाय बचत और निवेश को प्राथमिकता दी। उन्होंने 2013 में महज 3.9 लाख रुपये के सालाना पैकेज से करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और सेल्सफोर्स जैसी कंपनियों में काम करते हुए अपनी कमाई में लगातार बढ़ोतरी की।
3.9 लाख रुपये के पैकेज से शुरू हुआ सफर
शुभ पाटिल ने पुणे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2013 में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। उस समय उनका सालाना पैकेज करीब 3.9 लाख रुपये था। शुरुआती नौकरी से लेकर वर्तमान स्थिति तक पहुंचने में उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
करियर शुरू करने के दो साल बाद यानी 2015 में शुभ को गूगल में काम करने का अवसर मिला। यहां उनका सालाना पैकेज बढ़कर 12 लाख रुपये हो गया। पहली नौकरी के मुकाबले यह बड़ी छलांग थी।
इसके बाद वर्ष 2019 में उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट जॉइन किया। इस दौरान उनका सालाना पैकेज बढ़कर 29 लाख रुपये पहुंच गया। माइक्रोसॉफ्ट के बाद शुभ ने सेल्सफोर्स में नौकरी शुरू की, जहां वर्तमान में उनका पैकेज करीब 40 लाख रुपये सालाना है।
इस तरह करीब एक दशक में शुभ की सालाना कमाई शुरुआती पैकेज के मुकाबले दस गुना से अधिक हो गई।
सैलरी बढ़ी, लेकिन खर्चों पर रखा नियंत्रण
शुभ पाटिल की संपत्ति बनाने की यात्रा में उनकी बढ़ती आय के साथ बचत और निवेश की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने बेहतर वेतन मिलने के बाद अपनी अतिरिक्त कमाई को पूरी तरह खर्च करने के बजाय निवेश में लगाने को प्राथमिकता दी।
आमतौर पर आय बढ़ने के साथ लोगों की जीवनशैली और खर्च भी बढ़ सकते हैं। महंगी गाड़ियां, बड़े घर और अन्य सुविधाओं पर खर्च करने से बचत के लिए उपलब्ध रकम कम हो सकती है।
शुभ के मामले में बढ़ती सैलरी ने निवेश के लिए अधिक धन उपलब्ध कराया। उन्होंने अपनी आय का एक हिस्सा नियमित रूप से निवेश में लगाया और समय के साथ करीब चार करोड़ रुपये का पोर्टफोलियो तैयार किया।हालांकि, उनके कुल पोर्टफोलियो में अलग-अलग निवेश साधनों की हिस्सेदारी कितनी है, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
हर महीने करते हैं 70 हजार रुपये की SIP
शुभ पाटिल वर्तमान में हर महीने करीब 70 हजार रुपये की सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के जरिए निवेश करते हैं।
एसआईपी म्यूचुअल फंड में नियमित अंतराल पर एक निश्चित राशि निवेश करने का तरीका है। इसके माध्यम से निवेशक हर महीने अपनी आय का एक हिस्सा निवेश कर सकते हैं।
यदि 70 हजार रुपये की मासिक एसआईपी को पूरे एक साल तक जारी रखा जाए, तो कुल निवेश 8 लाख 40 हजार रुपये होता है। हालांकि, निवेश पर मिलने वाला वास्तविक रिटर्न बाजार की स्थिति और चुने गए फंड के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।
शुभ की मौजूदा एसआईपी उनके नियमित निवेश का हिस्सा है। उनके चार करोड़ रुपये के पोर्टफोलियो में पिछली बचत, अन्य निवेश और निवेश पर मिले रिटर्न का कितना योगदान रहा, इसका अलग-अलग विवरण सामने नहीं आया है।
सबसे खास बात, नहीं है कोई लोन या EMI
शुभ पाटिल की वित्तीय स्थिति का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उनके ऊपर फिलहाल कोई लोन नहीं है। उन्हें हर महीने होम लोन, कार लोन या अन्य कर्ज की ईएमआई भी नहीं चुकानी पड़ती।
किसी भी नौकरीपेशा व्यक्ति के मासिक बजट में ईएमआई एक निश्चित खर्च होती है। कर्ज की किस्तें चुकाने के बाद बचत और निवेश के लिए उपलब्ध रकम प्रभावित हो सकती है।शुभ के पास ऐसी कोई मासिक देनदारी नहीं होने के कारण अपनी आय का उपयोग बचत और निवेश के लिए करने की सुविधा है।
हालांकि, कर्ज नहीं होना हर व्यक्ति के लिए समान रूप से संभव नहीं होता। घर खरीदने, शिक्षा या अन्य आवश्यकताओं के लिए कई लोगों को ऋण लेना पड़ता है। इसलिए शुभ की वित्तीय स्थिति को उनकी आय, खर्च और निवेश की परिस्थितियों के संदर्भ में समझना जरूरी है।
40 साल की उम्र तक 10 करोड़ बनाने का लक्ष्य
चार करोड़ रुपये का पोर्टफोलियो तैयार करने के बाद शुभ पाटिल ने अब अपने लिए अगला वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया है। वह 40 साल की उम्र तक करीब 10 करोड़ रुपये का फंड बनाना चाहते हैं।
फिलहाल उनकी उम्र 35 साल है। ऐसे में इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए उनके पास लगभग पांच साल का समय है।मौजूदा चार करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये तक पहुंचने के लिए उन्हें अपने पोर्टफोलियो में करीब छह करोड़ रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी करनी होगी।
यह लक्ष्य उनकी भविष्य की बचत, निवेश की राशि और बाजार से मिलने वाले रिटर्न पर निर्भर करेगा। इसलिए पांच साल में 10 करोड़ रुपये का फंड तैयार होना निश्चित नहीं माना जा सकता।
कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर छोटे शहर में बसने की योजना
शुभ पाटिल का लक्ष्य केवल अधिक संपत्ति बनाना नहीं है। वह आर्थिक रूप से ऐसी स्थिति में पहुंचना चाहते हैं, जहां उन्हें नियमित नौकरी पर निर्भर न रहना पड़े।उनकी योजना 40 साल की उम्र तक पर्याप्त फंड तैयार करने के बाद कॉरपोरेट नौकरी छोड़ने की है। इसके बाद वह किसी शांत छोटे शहर में सुकून भरा जीवन बिताना चाहते हैं।
कम उम्र में आर्थिक स्वतंत्रता हासिल करने की यह सोच उन लोगों से जुड़ी है, जो अपने कामकाजी जीवन के दौरान पर्याप्त बचत और निवेश करके भविष्य के खर्चों के लिए आर्थिक व्यवस्था तैयार करना चाहते हैं।हालांकि, नौकरी छोड़ने से पहले नियमित खर्च, महंगाई, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और निवेश से मिलने वाली संभावित आय जैसे पहलुओं का आकलन महत्वपूर्ण होता है।
बढ़ती कमाई के साथ निवेश बना संपत्ति का आधार
शुभ पाटिल की यात्रा में 2013 से लेकर अब तक कई बड़े बदलाव आए। उन्होंने 3.9 लाख रुपये के शुरुआती पैकेज से करियर शुरू किया और वर्तमान में करीब 40 लाख रुपये सालाना कमाई तक पहुंच गए।
इस दौरान उन्होंने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और सेल्सफोर्स जैसी कंपनियों में काम किया। बेहतर वेतन के अवसरों का लाभ उठाने के साथ उन्होंने बचत और निवेश पर ध्यान दिया।आज उनके पास करीब चार करोड़ रुपये का पोर्टफोलियो है, कोई मासिक ईएमआई नहीं है और वह हर महीने 70 हजार रुपये की एसआईपी कर रहे हैं।
अब उनका अगला लक्ष्य 10 करोड़ रुपये का फंड बनाना है। शुभ की कहानी बताती है कि करियर में आय बढ़ने के साथ खर्चों पर नियंत्रण और नियमित निवेश लंबे समय में संपत्ति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, निवेश के परिणाम प्रत्येक व्यक्ति की आर्थिक स्थिति और बाजार के प्रदर्शन के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
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