नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच मंगलवार को फर्टिलाइजर सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बाजार में कमजोरी के बावजूद कई खाद बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जमकर खरीदारी हुई। इस तेजी के पीछे रूस से आई एक अहम खबर को बड़ी वजह माना जा रहा है। रूस की ओर से भारत को फर्टिलाइजर सप्लाई बढ़ाने के संकेत मिलने के बाद निवेशकों का भरोसा इस सेक्टर पर बढ़ गया और कई कंपनियों के शेयरों में 17 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई।
फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स ट्रावनकोर लिमिटेड (FACT) के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर इंट्रा-डे कारोबार के दौरान करीब 17 फीसदी तक उछल गया। इसके अलावा मद्रास फर्टिलाइजर्स, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (RCF), पारादीप फॉस्फेट्स और नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड जैसे अन्य फर्टिलाइजर शेयरों में भी तेजी का माहौल रहा।
रूस की खबर बनी बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर
दरअसल, भारत और रूस के बीच फर्टिलाइजर सप्लाई को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। रूस लंबे समय से भारत के लिए खाद और कच्चे माल का एक बड़ा सप्लायर रहा है। भारत में खेती के लिए यूरिया, पोटाश और फॉस्फेट जैसे उर्वरकों की मांग लगातार बनी रहती है। ऐसे में रूस से सप्लाई बढ़ने की उम्मीद ने फर्टिलाइजर कंपनियों को लेकर निवेशकों की धारणा मजबूत कर दी है।
भारत दुनिया के बड़े कृषि देशों में शामिल है और यहां हर साल बड़ी मात्रा में खाद की जरूरत पड़ती है। घरेलू उत्पादन के बावजूद कई प्रकार के उर्वरकों के लिए भारत को आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। रूस से स्थिर और बेहतर सप्लाई मिलने की उम्मीद से कंपनियों की लागत और उपलब्धता को लेकर बाजार में सकारात्मक माहौल बना है।
किन कंपनियों के शेयरों में दिखी तेजी
रूस से जुड़ी खबर के बाद फर्टिलाइजर सेक्टर की कई कंपनियों में खरीदारी बढ़ी। FACT के शेयरों में करीब 17 फीसदी तक की तेजी आई। वहीं मद्रास फर्टिलाइजर्स के शेयर लगभग 10 फीसदी से अधिक चढ़े। राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स के शेयरों में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। इसके अलावा पारादीप फॉस्फेट्स और नेशनल फर्टिलाइजर्स के शेयर भी तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए। 
निवेशकों का मानना है कि अगर फर्टिलाइजर सप्लाई बेहतर रहती है तो कंपनियों के उत्पादन और बिक्री पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। यही उम्मीद शेयर बाजार में खरीदारी की बड़ी वजह बनी।
किसानों और कृषि सेक्टर पर भी असर
फर्टिलाइजर कंपनियों की मजबूती का सीधा संबंध कृषि क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। भारत में खरीफ और रबी दोनों सीजन में किसानों को बड़ी मात्रा में खाद की आवश्यकता होती है। समय पर और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध होने से खेती की लागत और उत्पादन दोनों पर असर पड़ता है।
सरकार भी लगातार कोशिश करती रही है कि किसानों को खाद की उपलब्धता में किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ दूसरे देशों से आयात व्यवस्था को मजबूत किया जाता है।
वैश्विक बाजार में बदलते समीकरण
दुनिया भर में फर्टिलाइजर बाजार पिछले कुछ वर्षों में काफी प्रभावित हुआ है। रूस-यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन की समस्याओं के कारण खाद की कीमतों में कई बार बदलाव देखने को मिला है। रूस दुनिया के बड़े फर्टिलाइजर उत्पादक देशों में शामिल है, इसलिए वहां से आने वाली कोई भी सकारात्मक खबर वैश्विक बाजार पर असर डाल सकती है।
भारत के लिए रूस के साथ व्यापारिक संबंध काफी महत्वपूर्ण हैं। खासकर ऊर्जा और कृषि से जुड़े क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग लंबे समय से जारी है।
आगे क्या रह सकता है रुख?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फर्टिलाइजर शेयरों में आई तेजी को लेकर निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी सेक्टर में तेजी केवल खबरों के आधार पर लंबे समय तक नहीं टिकती। कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन, मांग, सरकारी नीतियों और वैश्विक परिस्थितियों का भी असर शेयर कीमतों पर पड़ता है।
फिलहाल रूस से सप्लाई को लेकर आई सकारात्मक खबर ने फर्टिलाइजर सेक्टर में उत्साह जरूर बढ़ा दिया है। निवेशकों की नजर अब आने वाले दिनों में कंपनियों के प्रदर्शन और सरकार की कृषि नीतियों पर रहेगी।
फर्टिलाइजर सेक्टर में आई यह तेजी दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की छोटी-बड़ी खबरें भी भारतीय शेयर बाजार में किसी खास उद्योग के लिए बड़ा बदलाव ला सकती हैं। रूस से जुड़ी खबर ने फिलहाल खाद कंपनियों के शेयरों को नई ऊर्जा दे दी है और बाजार की निगाहें अब इस सेक्टर की आगे की चाल पर टिकी हैं।
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