नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की देश में बैंक लोन देने की रफ्तार में तेजी आई है। जून 2026 में बैंकों की कुल क्रेडिट ग्रोथ बढ़कर 16.5 प्रतिशत पहुंच गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 9.9 प्रतिशत थी।
RBI की क्वार्टरली बेसिक स्टैटिस्टिकल रिटर्न (QBSR) रिपोर्ट में बताया गया है कि बैंकिंग सेक्टर में कर्ज वितरण में मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। इसके साथ ही मौजूदा बैंक लोन पर ब्याज दरों में भी कमी दर्ज की गई है।
बैंक क्रेडिट में आई तेज बढ़ोतरी
RBI के आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 में बैंकों की ओर से दिए गए कुल कर्ज में सालाना आधार पर उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
पिछले वर्ष जून 2025 में बैंक क्रेडिट ग्रोथ 9.9 प्रतिशत थी, जो एक साल बाद बढ़कर 16.5 प्रतिशत हो गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि कर्ज की मांग में बढ़ोतरी, आर्थिक गतिविधियों में सुधार और ब्याज दरों में नरमी से बैंक लोन वितरण को मजबूती मिली है।
लोन पर ब्याज दरों में आई कमी
RBI रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा बैंक लोन पर लगने वाली औसत ब्याज दरों में भी गिरावट आई है।
वेटेड एवरेज लेंडिंग रेट (WALR) जून 2026 में घटकर 9.26 प्रतिशत रह गया, जबकि एक साल पहले यह 9.71 प्रतिशत था।
इससे संकेत मिलता है कि बैंक ग्राहकों को पहले की तुलना में कम ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध करा रहे हैं।
9 प्रतिशत से कम ब्याज वाले लोन बढ़े
RBI के आंकड़ों में यह भी सामने आया कि बकाया बैंक क्रेडिट का करीब दो-तिहाई हिस्सा अब 9 प्रतिशत से कम ब्याज दर वाले लोन में शामिल है।
जून 2026 में ऐसे लोन की हिस्सेदारी बढ़कर काफी ज्यादा हो गई, जबकि जून 2025 में यह आंकड़ा केवल 54.1 प्रतिशत था।
इससे पता चलता है कि कम ब्याज दर वाले कर्ज का दायरा बढ़ा है और उधारकर्ताओं को राहत मिली है।
महिला उधारकर्ताओं को मिला ज्यादा कर्ज
RBI रिपोर्ट में महिला व्यक्तिगत उधारकर्ताओं के लिए क्रेडिट विस्तार को विशेष रूप से मजबूत बताया गया है।
जून 2026 में महिलाओं को दिए गए बैंक लोन में सालाना आधार पर 19.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
यह वृद्धि कुल बैंक क्रेडिट ग्रोथ 16.5 प्रतिशत और घरेलू क्षेत्र की क्रेडिट ग्रोथ 15.2 प्रतिशत से भी अधिक रही।
इससे पता चलता है कि महिलाओं की वित्तीय भागीदारी और बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच लगातार बढ़ रही है।
घरेलू क्षेत्र में बढ़ी कर्ज की मांग
RBI के आंकड़ों के अनुसार, घरेलू क्षेत्र में भी कर्ज की मांग मजबूत बनी हुई है।
पर्सनल लोन, आवास ऋण, शिक्षा ऋण और अन्य व्यक्तिगत जरूरतों के लिए बैंकिंग सिस्टम से उधारी बढ़ी है।
आर्थिक गतिविधियों में सुधार और उपभोक्ता भरोसा बढ़ने से घरेलू क्षेत्र में क्रेडिट विस्तार को समर्थन मिला है।
अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत
बैंक लोन में बढ़ोतरी को अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
जब बैंक अधिक कर्ज देते हैं तो उद्योग, व्यापार और व्यक्तिगत खर्चों को बढ़ावा मिलता है। इससे निवेश और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आ सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कर्ज की बेहतर उपलब्धता से छोटे कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं को भी फायदा मिल सकता है।
RBI के आंकड़ों से मिली बड़ी तस्वीर
RBI की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि जून 2026 में बैंकिंग क्षेत्र में कर्ज वितरण की स्थिति मजबूत रही।
क्रेडिट ग्रोथ में तेजी, ब्याज दरों में कमी और महिलाओं समेत घरेलू उधारकर्ताओं को बढ़ता कर्ज आर्थिक सुधार की ओर संकेत कर रहा है।
हालांकि, बैंकिंग क्षेत्र के लिए कर्ज की गुणवत्ता और जोखिम प्रबंधन भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
आगे भी जारी रह सकती है तेजी
बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आर्थिक विकास की गति बनी रहती है और ब्याज दरों में स्थिरता रहती है तो आने वाले समय में भी क्रेडिट ग्रोथ मजबूत रह सकती है।
RBI की रिपोर्ट ने यह संकेत दिया है कि बैंकिंग सिस्टम में कर्ज देने की क्षमता और मांग दोनों में सुधार हुआ है। इससे आने वाले महीनों में आर्थिक गतिविधियों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।