नई दिल्ली: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को घोषणा की कि भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर को लागू होगा।
हाल ही में न्यूज़ीलैंड की संसद में इस FTA को दोनों प्रमुख पार्टियों का ज़बरदस्त समर्थन मिला, जिसमें 93 सांसदों ने इसके पक्ष में और 26 ने इसके विरोध में वोट दिया।
वाणिज्य मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में कहा, "दोनों देशों के लिए एक जीत। भारत-न्यूज़ीलैंड FTA विजय दशमी के मौके पर 20 अक्टूबर 2026 को लागू होगा।"
पिछले हफ़्ते मीडिया के साथ एक इंटरव्यू में, न्यूज़ीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा था कि भारत-न्यूज़ीलैंड FTA के अगले महीने तक लागू होने की उम्मीद है।
मैक्ले ने कहा था, "अगला चरण यह है कि हम इसे कानून का रूप देने के लिए साइन करेंगे और जब भारत भी ऐसा करने में सक्षम होगा, तो हम उनके साथ डिप्लोमैटिक नोट का आदान-प्रदान करेंगे। इसके बाद समझौते के लागू होने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि हम अगले महीने तक ऐसा होने की उम्मीद कर सकते हैं।"
27 अप्रैल को नई दिल्ली में साइन किए गए इस समझौते के तहत, लागू होने की तारीख से न्यूज़ीलैंड को किए जाने वाले भारतीय निर्यात पर 100 प्रतिशत ड्यूटी-फ्री (बिना टैक्स के) सुविधा मिलेगी। इससे टेक्सटाइल और कपड़े, लेदर और जूते, इंजीनियरिंग का सामान, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और प्रोसेस्ड फ़ूड प्रोडक्ट्स जैसे भारतीय निर्यात के लिए नए अवसर खुलेंगे।
यह न्यूज़ीलैंड से होने वाले निर्यात - जैसे लकड़ी, ऊन, भेड़ का मांस और लेदर की कच्ची खाल - के लिए भारतीय बाज़ार में बेहतर और प्राथमिकता वाली पहुँच भी प्रदान करता है।
FTA सेवाओं, निवेश और पेशेवरों, छात्रों व युवाओं की आवाजाही के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा करता है, जिसमें भारतीय पेशेवरों और छात्रों के लिए बेहतर रास्ते शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार, यह भारत में 20 बिलियन डॉलर के निवेश को आसान बनाता है और कृषि उत्पादकता, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइस, पारंपरिक चिकित्सा और आयुष, टेक्नोलॉजी और व्यापार को आसान बनाने जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मज़बूत करता है।
दोनों देशों के बीच करीबी संबंध हैं, जो लोगों के बीच मज़बूत रिश्तों और व्यापार व निवेश, कृषि, शिक्षा, खेल, टेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग पर आधारित हैं।