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बिजनेस : शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए सितंबर महीने में एक और बड़ा मौका आने वाला है। एक नया IPO 10 सितंबर से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। कंपनी ने इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹130 से ₹140 प्रति शेयर तय किया है। ग्रे मार्केट में इस IPO को लेकर हलचल बढ़ गई है और GMP (Grey Market Premium) में तेजी देखने को मिल रही है।
निवेशकों की नजर इस IPO पर इसलिए भी बनी हुई है क्योंकि ग्रे मार्केट में इसकी मांग दिखाई दे रही है। हालांकि GMP केवल बाजार की धारणा को दर्शाता है और यह शेयर की लिस्टिंग या भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं देता है। निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल, वित्तीय स्थिति और जोखिमों का आकलन करने के बाद ही फैसला लेना चाहिए।
10 सितंबर से शुरू होगी बोली प्रक्रिया
इस IPO की सब्सक्रिप्शन अवधि 10 सितंबर से शुरू होकर 15 सितंबर तक चलेगी। कंपनी ने इश्यू का प्राइस बैंड ₹130-140 प्रति शेयर रखा है। बाजार में इसकी संभावित लिस्टिंग को लेकर भी चर्चा तेज है।
IPO के जरिए कंपनी बाजार से करीब ₹210 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार विस्तार और विकास से जुड़े कामों में कर सकती है।
GMP में दिखा पॉजिटिव रुझान
IPO लॉन्च से पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम पर निवेशकों की नजर रहती है। इस IPO का GMP फिलहाल पॉजिटिव ट्रेंड दिखा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका GMP करीब ₹14 के आसपास बताया जा रहा है। इसका मतलब है कि ग्रे मार्केट में निवेशकों की रुचि बनी हुई है।
अगर GMP और बाजार का रुझान इश्यू के दौरान मजबूत बना रहता है तो लिस्टिंग को लेकर निवेशकों में उम्मीद बढ़ सकती है। हालांकि ग्रे मार्केट पूरी तरह अनौपचारिक होता है और इसमें उतार-चढ़ाव बना रहता है।
निवेशकों को क्यों आकर्षित कर रहा IPO?
नए IPO में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने के पीछे कई कारण होते हैं। पहला कारण होता है शुरुआती लिस्टिंग गेन की उम्मीद। दूसरा कारण कंपनी के भविष्य के विकास की संभावना होती है।
इस IPO को लेकर भी बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। प्राइस बैंड आकर्षक होने और GMP में तेजी के कारण रिटेल निवेशकों की नजर इस पर बनी हुई है।
IPO में निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान
हालांकि GMP देखकर ही निवेश का फैसला लेना सही नहीं माना जाता। विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों को कंपनी का बिजनेस मॉडल, आय, मुनाफा, कर्ज, भविष्य की योजनाएं और सेक्टर की स्थिति जरूर देखनी चाहिए।
कई बार IPO में शुरुआत में अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है, लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयर में गिरावट भी देखने को मिल सकती है। इसलिए लंबी अवधि के निवेशकों को कंपनी की मजबूती पर ध्यान देना चाहिए।
लिस्टिंग को लेकर बढ़ी उम्मीदें
इस IPO की संभावित लिस्टिंग तारीख 18 सितंबर बताई जा रही है। बाजार में सकारात्मक माहौल और GMP के कारण निवेशकों में उत्साह बढ़ा है।
हालांकि अंतिम प्रदर्शन सब्सक्रिप्शन आंकड़ों, बाजार की स्थिति और कंपनी के प्रति निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करेगा।
शेयर बाजार में IPO का बढ़ता आकर्षण
भारत में पिछले कुछ वर्षों में IPO बाजार तेजी से बढ़ा है। छोटे निवेशक भी अब बड़ी संख्या में IPO में भाग ले रहे हैं। डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म और आसान ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण IPO में रिटेल भागीदारी लगातार बढ़ी है।
लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि हर IPO में सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। मजबूत कंपनियों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।
फिलहाल ₹130-140 के प्राइस बैंड और GMP में तेजी के चलते यह IPO बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब निवेशकों की नजर सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और लिस्टिंग प्रदर्शन पर रहेगी।
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