भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पीयूष गोयल का बयान

Update: 2026-07-13 11:07 GMT

Business बिजनेस: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि भारत ने अमेरिका के साथ फास्ट-ट्रैक ट्रेड एग्रीमेंट को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है। गोयल ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।

पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर कुछ रिपोर्ट्स में गलत जानकारी दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देश एक संतुलित, निष्पक्ष और व्यावसायिक रूप से लाभकारी समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा कि जून में नई दिल्ली दौरे पर आए अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमीसन ग्रीर के साथ हुई बातचीत बेहद उपयोगी रही थी। दोनों पक्षों ने व्यापार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और आगे की बातचीत के लिए सकारात्मक माहौल तैयार हुआ।

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता का उद्देश्य केवल व्यापार बढ़ाना नहीं है, बल्कि दोनों देशों के व्यवसायों, किसानों, श्रमिकों और उपभोक्ताओं को वास्तविक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते में दोनों देशों के हितों का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

इससे पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत ने अमेरिका के साथ फास्ट-ट्रैक ट्रेड एग्रीमेंट के प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया था कि दोनों देशों के बीच कुछ व्यापारिक मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। हालांकि, पीयूष गोयल ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी खबरें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।

भारत और अमेरिका पिछले कुछ समय से द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दों पर चर्चा जारी है। प्रस्तावित व्यापार समझौते को दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत की ओर से लगातार यह रुख रखा गया है कि कोई भी व्यापार समझौता देश के किसानों, छोटे उद्योगों और घरेलू उद्योगों के हितों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। सरकार का कहना है कि समझौते में भारत के आर्थिक हितों की सुरक्षा सबसे अहम प्राथमिकता होगी।

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत वैश्विक व्यापार में अपनी भूमिका को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे समझौतों के जरिए नए अवसर पैदा करना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी समझौते में जल्दबाजी नहीं करेगा, बल्कि सभी पहलुओं का मूल्यांकन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

अमेरिका भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है। दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में दोनों सरकारें व्यापारिक बाधाओं को कम करने और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बातचीत कर रही हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से दोनों देशों के उद्योगों को नए अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, कृषि, टैरिफ, बाजार पहुंच और कुछ नियामकीय मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत अभी जारी है।

पीयूष गोयल के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता जारी है और किसी भी अंतिम समझौते को लेकर दोनों पक्ष सावधानीपूर्वक आगे बढ़ रहे हैं।

सरकार का कहना है कि भारत ऐसा व्यापार समझौता चाहता है जो लंबे समय तक दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित हो और जिसमें भारतीय उद्योग, किसान तथा उपभोक्ताओं के हितों का पूरा ध्यान रखा जाए।

Tags:    

Similar News