1 अप्रैल 2026 से आयकर के नए नियम लागू: STT बढ़कर 0.15% हुआ, ITR भरने की अंतिम तारीख 31 अगस्त

1 अप्रैल 2026 से आयकर के नए नियम लागू

Update: 2026-03-16 07:45 GMT
New Delhi: भारत की टैक्स व्यवस्था में कई अहम बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे। नया इनकम-टैक्स एक्ट, 2025, इनकम-टैक्स एक्ट, 1961 की जगह लेगा, जो 60 साल से ज़्यादा समय से लागू था। सरकार का कहना है कि नए कानून में आसान भाषा का इस्तेमाल किया गया है और इसका मकसद टैक्स व्यवस्था को समझना और उसका पालन करना आसान बनाना है।
टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि नया ढांचा समय-सीमा, टैक्स प्रक्रियाओं और नियमों में भी बदलाव करता है, जिसका असर व्यक्तियों, व्यवसायों और निवेशकों पर पड़ेगा।
'टैक्स ईयर' की अवधारणा पेश की गई
नए कानून में एक बड़ा बदलाव 'टैक्स ईयर' की अवधारणा की शुरुआत है। यह 'पिछले साल' और 'असेसमेंट ईयर' की पुरानी व्यवस्था की जगह लेगा।
नई व्यवस्था के तहत, कमाई गई इनकम और चुकाए गए टैक्स एक ही अवधि के अंतर्गत आएंगे, जिसे टैक्स ईयर कहा जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से टैक्स देने वालों के लिए टैक्स प्रक्रिया ज़्यादा सरल और आसान हो जाएगी।
इनकम टैक्स स्लैब वही रहेंगे
सरकार ने व्यक्तियों के लिए मौजूदा इनकम टैक्स स्लैब दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। पुरानी टैक्स व्यवस्था और नई रियायती टैक्स व्यवस्था, दोनों के तहत टैक्स दरें वही रहेंगी। इसका मतलब है कि ज़्यादातर टैक्स देने वालों पर पर्सनल टैक्स का बोझ नहीं बदलेगा।
ITR फाइल करने की नई समय-सीमा
सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की समय-सीमा में भी बदलाव किया है।
ITR-1 और ITR-2 जैसे सरल रिटर्न फाइल करने वाले व्यक्तियों के लिए समय-सीमा 31 जुलाई ही रहेगी। हालांकि, व्यवसाय या पेशे से जुड़े ऐसे टैक्स देने वाले, जिनके खातों का ऑडिट ज़रूरी नहीं है, उन्हें अब 31 जुलाई के बजाय 31 अगस्त तक का समय मिलेगा।
कंपनियों और ऐसे टैक्स देने वालों, जिनके खातों का ऑडिट ज़रूरी है, उनके लिए समय-सीमा 31 अक्टूबर होगी, जबकि कुछ खास प्रावधानों के तहत विशेष मामलों के लिए समय-सीमा 30 नवंबर होगी।
संशोधित रिटर्न की समय-सीमा बढ़ाई गई
संशोधित इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की समय-सीमा भी बढ़ा दी गई है। पहले, टैक्स देने वाले टैक्स ईयर खत्म होने के नौ महीने के भीतर अपना रिटर्न संशोधित कर सकते थे।
नए कानून के तहत, संशोधन की समय-सीमा बढ़कर 12 महीने हो जाएगी। हालांकि, अगर रिटर्न नौ महीने के बाद संशोधित किया जाता है, तो शुल्क लगेगा। अगर इनकम 5 लाख रुपये तक है, तो शुल्क 1,000 रुपये होगा, और अगर इनकम 5 लाख रुपये से ज़्यादा है, तो शुल्क 5,000 रुपये होगा।
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