नई दिल्ली : त्योहारी सीजन से पहले महंगी हुई चीनी के दामों में अब राहत के संकेत मिलने लगे हैं। सरकार के कदमों और बाजार में बढ़ी आपूर्ति के असर से चीनी की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है। पिछले दिनों रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची चीनी अब कुछ सस्ती हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

हाल ही में चीनी के दाम बढ़कर कई शहरों में 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे। कीमतों में तेजी का कारण कम उत्पादन, त्योहारी मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर चिंता बताई जा रही थी।
क्यों गिरने लगे चीनी के दाम?
चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इनमें कच्ची चीनी के आयात की अनुमति और बाजार में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के प्रयास शामिल हैं। इन फैसलों के बाद थोक बाजार में कीमतों पर दबाव आया है। इसके अलावा चीनी मिलों और कारोबारियों के पास मौजूद स्टॉक बाजार में आने से भी कीमतों में नरमी देखी जा रही है। सरकार की सख्ती के बाद जमाखोरी पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।
अब क्या है नई कीमत?
रिपोर्टों के अनुसार, चीनी का औसत थोक भाव करीब 58 रुपये प्रति किलो के आसपास आ गया है, जबकि खुदरा बाजार में कीमत करीब 63 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बताई जा रही है। इससे पहले खुदरा कीमतें करीब 67 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थीं। हालांकि अलग-अलग शहरों और बाजारों में कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।
त्योहारों से पहले मिली राहत
रक्षाबंधन और आने वाले त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में चीनी के दाम बढ़ने से आम लोगों और मिठाई कारोबारियों पर असर पड़ता है। अब कीमतों में गिरावट से मिठाई दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को राहत मिलने की उम्मीद है।
आगे और सस्ती हो सकती है चीनी
चीनी उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि आने वाले समय में घरेलू उत्पादन बढ़ने और बाजार में सप्लाई बेहतर होने से कीमतों में और नरमी आ सकती है। हालांकि मौसम, उत्पादन और मांग के आधार पर कीमतों में बदलाव जारी रह सकता है।
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