New Delhiनई दिल्ली: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस वित्त वर्ष में अब तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 3.95 प्रतिशत घटकर 6.64 लाख करोड़ रुपये रह गया है, जिसका मुख्य कारण अधिक रिफंड है।
प्रत्यक्ष कर में कंपनियों, व्यक्तियों, पेशेवरों और अन्य संस्थाओं द्वारा चुकाई गई आय पर कर शामिल हैं। शुद्ध कॉर्पोरेट कर संग्रह लगभग 2.29 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि गैर-कॉर्पोरेट कर (जिसमें व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और फर्म शामिल हैं) 4.12 लाख करोड़ रुपये रहा। 1 अप्रैल से 11 अगस्त के बीच प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) संग्रह 22,362 करोड़ रुपये रहा।