भारत के आमों पर फिदा हुआ मुस्लिम देश, हवाई जहाज से मंगाई खेप

Update: 2026-07-31 09:33 GMT

बिज़नेस: भारत के स्वादिष्ट आमों की लोकप्रियता अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ती जा रही है। कर्नाटक के प्रसिद्ध नीलम और तोतापुरी आमों की पहली खेप हवाई मार्ग से मालदीव भेजी गई है। यह कदम भारतीय आम निर्यात के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की मदद से किए गए इस निर्यात से भारतीय किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और महिला उद्यमियों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, कर्नाटक के कोलार जिले से नीलम और तोतापुरी आमों की एक मीट्रिक टन की पहली खेप मालदीव के लिए रवाना की गई। यह निर्यात 30 जुलाई को पूरा हुआ। इस पहल का उद्देश्य भारत की आम निर्यात क्षमता को बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय आमों की अलग पहचान बनाना है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि कर्नाटक से मालदीव तक नीलम और तोतापुरी आमों की पहली एयर शिपमेंट भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने एपीडा को इस पहल के लिए बधाई दी और कहा कि इससे कर्नाटक के आम उत्पादकों के लिए वैश्विक बाजार के नए रास्ते खुलेंगे।

उन्होंने बताया कि इस निर्यात से किसान उत्पादक संगठनों, निर्यातकों और कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे भारतीय आमों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच और मजबूत होगी।

इस खेप को कर्नाटक के कोलार जिले के केजीएफ तालुक स्थित ‘प्रकृतिमाया फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ से जुड़े किसानों से खरीदा गया था। इसके बाद ‘अहल्या देवी वेंचर्स’ की निदेशक अश्विनी ए ने इसका निर्यात किया। खास बात यह है कि अश्विनी ए एक नई पंजीकृत महिला उद्यमी और निर्यातक हैं। इस पहल ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी दिखाया है।

एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव (आईएएस) ने इस आम की खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से भारतीय आमों को नए बाजार मिलते हैं और किसानों की आय में लंबे समय तक बढ़ोतरी करने में मदद मिलती है।

नीलम और तोतापुरी आम कर्नाटक की प्रमुख आम किस्मों में शामिल हैं। नीलम आम अपने खास स्वाद और लंबे समय तक सुरक्षित रहने की क्षमता के लिए जाना जाता है, जबकि तोतापुरी आम अपने खट्टे-मीठे स्वाद और प्रसंस्करण उद्योग में उपयोग के लिए प्रसिद्ध है। इन दोनों किस्मों की मांग भारत के साथ-साथ कई विदेशी बाजारों में भी बढ़ रही है।

इससे पहले जापान ने भारतीय आमों के आयात पर रोक लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब समेत कई देशों में भारतीय आमों की मांग बनी रही। अब मालदीव को भारतीय आमों के नए बाजार के रूप में देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई मार्ग से आम निर्यात करने से फलों की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है और विदेशी ग्राहकों तक ताजा उत्पाद तेजी से पहुंचाया जा सकता है। इससे खास तौर पर उन किसानों को फायदा होगा जो उच्च गुणवत्ता वाले आमों का उत्पादन करते हैं।

भारत दुनिया के प्रमुख आम उत्पादक देशों में शामिल है और यहां दशहरी, अल्फांसो, केसर, लंगड़ा, नीलम और तोतापुरी जैसी कई प्रसिद्ध किस्में पैदा होती हैं। सरकार लगातार कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रही है।

मालदीव को भेजी गई यह पहली एयर शिपमेंट भारतीय आम उद्योग के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है। इससे न केवल विदेशी बाजारों में भारतीय आमों की पहचान मजबूत होगी, बल्कि किसानों और छोटे उद्यमियों को भी वैश्विक व्यापार से जुड़ने का मौका मिलेगा। आने वाले समय में ऐसे और निर्यात बढ़ने की उम्मीद है, जिससे भारत का कृषि क्षेत्र और अधिक मजबूत हो सकेगा।

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