बिजनेस : शेयर बाजार में कॉरपोरेट गतिविधियों के लिहाज से नया सप्ताह महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दौरान दो कंपनियों के शेयर एक्स-बोनस आधार पर कारोबार करेंगे। इनमें रेडीमेड गारमेंट बनाने और बेचने वाली स्मॉलकैप कंपनी बिजोटिक कमर्शियल लिमिटेड भी शामिल है। कंपनी अपने पात्र शेयरधारकों को प्रत्येक एक मौजूदा शेयर पर पांच नए बोनस शेयर देने जा रही है। यह बिजोटिक कमर्शियल का पहला बोनस इश्यू है।
कंपनी ने 5:1 के अनुपात वाले बोनस इश्यू के लिए सोमवार, 17 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट निर्धारित किया है। यही इसकी एक्स-बोनस डेट भी है। इस अनुपात का अर्थ है कि रिकॉर्ड डेट पर कंपनी का एक शेयर रखने वाले पात्र निवेशक को पांच अतिरिक्त शेयर मिलेंगे। बोनस आवंटित होने के बाद उसके पास कुल छह शेयर हो जाएंगे। यदि किसी निवेशक के पास 200 शेयर हैं, तो उसे 1,000 नए शेयर मिलेंगे और उसकी कुल हिस्सेदारी 1,200 शेयर हो जाएगी। बोनस शेयरों के आवंटन की प्रस्तावित तारीख 18 अगस्त है। कंपनी कुल 48.21 लाख बोनस शेयर आवंटित कर सकती है।
शुक्रवार को शेयर में तेजी
रिकॉर्ड डेट से पहले शुक्रवार, 14 अगस्त को बिजोटिक कमर्शियल के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बीएसई पर शेयर 3.57 प्रतिशत या 23.65 रुपये चढ़कर 685.85 रुपये पर बंद हुआ। कारोबारी सत्र में इसका भाव 631 रुपये के निचले और 710 रुपये के ऊपरी स्तर तक पहुंचा। कंपनी का पिछला बंद भाव 662.20 रुपये था।
कंपनी के शेयरों में हाल के दिनों में तेज उतार-चढ़ाव आया है। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार इसका 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 1,053 रुपये और न्यूनतम स्तर 265 रुपये है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 661.30 करोड़ रुपये बताया गया है। बीते छह महीनों में शेयर ने करीब 34 प्रतिशत का नकारात्मक रिटर्न दिया है। इसके विपरीत एक साल में इसका भाव लगभग 158 प्रतिशत बढ़ा है। लंबी अवधि में भी शेयर ने मजबूत प्रदर्शन किया है, हालांकि पुराने रिटर्न को भविष्य के लाभ की गारंटी नहीं समझना चाहिए।
कंपनी के शेयरधारिता आंकड़ों के मुताबिक प्रमोटरों के पास लगभग 75 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि शेष 25 प्रतिशत हिस्सेदारी सार्वजनिक शेयरधारकों के पास है। सीमित सार्वजनिक हिस्सेदारी और स्मॉलकैप श्रेणी के कारण शेयर में तेज मूल्य परिवर्तन और कम तरलता का जोखिम हो सकता है।
बोनस मिलने से तुरंत नहीं बढ़ती संपत्ति
बोनस शेयर कंपनी अपने संचित लाभ अथवा उपलब्ध रिजर्व को शेयर पूंजी में बदलकर जारी करती है। इसमें निवेशक को अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होता। हालांकि, बोनस इश्यू के बाद शेयर की बाजार कीमत सामान्यतः उसी अनुपात में समायोजित हो जाती है। उदाहरण के लिए, 5:1 बोनस के बाद शेयरों की कुल संख्या छह गुना हो जाएगी। इसलिए सैद्धांतिक रूप से प्रति शेयर मूल्य भी उसी के अनुरूप नीचे समायोजित हो सकता है।
इस कारण बोनस शेयर मिलना अपने आप में निवेशक की संपत्ति को तत्काल कई गुना नहीं करता। निवेशक के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन कंपनी में उसकी आनुपातिक हिस्सेदारी सामान्यतः पहले जैसी रहती है। आगे का लाभ कंपनी के कारोबार, मुनाफे, वित्तीय स्थिति और बाजार भाव के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
17 अगस्त को ही एक्स-बोनस और रिकॉर्ड डेट होने के कारण बोनस पात्रता के लिए शेयर खरीदने की अंतिम कारोबारी तारीख शुक्रवार, 14 अगस्त थी। सोमवार को नए खरीदारों को इस बोनस का अधिकार नहीं मिलेगा। निवेशकों को बोनस के आकर्षक अनुपात के साथ कंपनी के वित्तीय परिणाम, मूल्यांकन, कारोबार की संभावनाओं और शेयर की अस्थिरता पर भी ध्यान देना चाहिए।