Business बिजनेस : गोल्ड रिफाइनिंग और आभूषण निर्माण से जुड़ी प्रमुख कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स एक बार फिर चर्चा में है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही अब गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) के भी मामले में शामिल होने की खबर सामने आई है। इस घटनाक्रम के बाद कंपनी के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली और निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, ED द्वारा चल रही जांच में नए पहलुओं के सामने आने के बाद मामले को और गंभीरता से लिया जा रहा है। इसी क्रम में SFIO के भी जांच शुरू करने की संभावना या प्रक्रिया से जुड़े संकेत मिलने के बाद बाजार में कंपनी के शेयरों पर दबाव बढ़ गया।
शेयर बाजार में इस खबर का सीधा असर देखने को मिला और गुरुवार को राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर 5 प्रतिशत के लोअर सर्किट पर पहुंच गए। दोपहर करीब पौने तीन बजे तक स्टॉक 97.02 रुपये पर लॉक था, जो लगभग 4.99 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि किसी भी बड़ी जांच एजेंसी की एंट्री से निवेशकों की धारणा प्रभावित होती है, खासकर तब जब मामला वित्तीय अनियमितताओं या गंभीर जांच से जुड़ा हो। इसी कारण से कंपनी के शेयरों में बिकवाली का दबाव बढ़ा और स्टॉक लोअर सर्किट में चला गया।
राजेश एक्सपोर्ट्स भारत की प्रमुख गोल्ड रिफाइनिंग और ज्वेलरी एक्सपोर्ट कंपनियों में से एक मानी जाती है। कंपनी का कारोबार घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैला हुआ है। ऐसे में किसी भी प्रकार की जांच या अनिश्चितता का असर सीधे इसके शेयर प्रदर्शन पर दिखाई देता है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं और आने वाले दिनों में जांच से जुड़ी नई जानकारी पर बाजार की नजर बनी रहेगी। यदि जांच का दायरा और बढ़ता है या कोई गंभीर निष्कर्ष सामने आता है, तो इसका असर कंपनी के शेयरों पर और भी देखने को मिल सकता है।
हालांकि, कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि फिलहाल यह शुरुआती चरण की स्थिति है और जब तक आधिकारिक रिपोर्ट या स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आते, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिर भी, बाजार में अनिश्चितता का माहौल जरूर बना हुआ है।
इस तरह ED और SFIO से जुड़ी जांच की खबरों ने राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों पर भारी दबाव डाल दिया है और निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल पैदा कर दिया है।