नई दिल्ली : भारतीय रक्षा और शिपबिल्डिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी **स्वान डिफेंस एंड हेवी इंडस्ट्रीज (SDHI)** को एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिलने के बाद कंपनी के शेयरों में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 3 प्रतिशत उछलकर 2,618 रुपये तक पहुंच गया। इस तेजी की मुख्य वजह डेनमार्क की प्रतिष्ठित समुद्री सेवा कंपनी **Svitzer A/S** से मिला बड़ा निर्यात ऑर्डर है। इस समझौते के तहत स्वान डिफेंस चार अत्याधुनिक **TRAnsverse 3200 टग बोट** का निर्माण करेगी। इसे भारतीय शिपबिल्डिंग उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल कंपनी की वैश्विक मौजूदगी मजबूत होगी बल्कि भारत की तकनीकी क्षमता को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि इन चारों आधुनिक टग बोट का निर्माण गुजरात के पिपावाव स्थित उसके अत्याधुनिक शिपयार्ड में किया जाएगा। इन जहाजों की डिलीवरी वर्ष 2028 की शुरुआत से शुरू होने की योजना है। खास बात यह है कि यह ऑर्डर दुनिया के कई प्रमुख शिपयार्ड के बीच हुई प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के बाद स्वान डिफेंस को मिला है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय कंपनी की इंजीनियरिंग क्षमता, गुणवत्ता और समयबद्ध निर्माण पर वैश्विक कंपनियों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
TRAnsverse 3200 टग बोट को दुनिया की सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत टग डिजाइनों में शामिल किया जाता है। इसे प्रसिद्ध नौसैनिक आर्किटेक्ट **रॉबर्ट एलान** और समुद्री सेवा कंपनी **Svitzer** ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। इन जहाजों में अत्याधुनिक **हाइड्रोडायनामिक हुल डिजाइन** और **ओमनी-डायरेक्शनल प्रोपल्शन सिस्टम** दिया गया है, जिससे बड़े जहाजों को संकरे बंदरगाहों और खराब मौसम में भी सुरक्षित तरीके से संचालित करने में मदद मिलती है। इनकी **80 टन बोलार्ड पुल क्षमता** इन्हें भारी जहाजों को नियंत्रित करने में सक्षम बनाती है। साथ ही ये पारंपरिक टग बोट की तुलना में लगभग **15 प्रतिशत अधिक ईंधन दक्ष** हैं, जिससे परिचालन लागत कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
इन टग बोट की एक और विशेषता यह है कि इन्हें भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए **बायोफ्यूल-रेडी** बनाया जाएगा। इसके अलावा ये **IMO Tier III उत्सर्जन मानकों** का पालन करेंगी, जो पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। जहाजों में **FiFi1 फायर फाइटिंग सिस्टम** भी लगाया जाएगा, जिससे बंदरगाहों पर आग जैसी आपात स्थितियों में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा और पर्यावरण अनुकूल डिजाइन इन जहाजों को वैश्विक स्तर पर बेहद प्रतिस्पर्धी बनाते हैं।
स्वान डिफेंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी **रियर एडमिरल (सेवानिवृत्त) विपिन कुमार सक्सेना** ने कहा कि दुनिया की सबसे उन्नत टग बोट बनाने का अवसर मिलना कंपनी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि Svitzer जैसी वैश्विक कंपनी की कड़ी चयन प्रक्रिया में सफल होना इस बात का प्रमाण है कि स्वान डिफेंस विश्वस्तरीय जहाज बनाने की क्षमता रखती है। उन्होंने बताया कि यह कंपनी को मिला लगातार **चौथा अंतरराष्ट्रीय निर्यात ऑर्डर** है, जो विदेशी ग्राहकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
वहीं Svitzer के मुख्य कार्यकारी अधिकारी **कैस्पर फ्रिस निलाउस** ने कहा कि TRAnsverse 3200 डिजाइन बंदरगाहों की कार्यक्षमता, सुरक्षा और ईंधन दक्षता को बेहतर बनाएगा। उन्होंने भारत की स्वान डिफेंस के साथ साझेदारी पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझौता उनकी दीर्घकालिक फ्लीट आधुनिकीकरण रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यदि कंपनी के शेयर प्रदर्शन की बात करें तो पिछले एक महीने में इसका शेयर लगभग **0.8 प्रतिशत** मजबूत हुआ है, जबकि वर्ष 2026 में अब तक इसमें करीब **5.8 प्रतिशत** की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि लंबी अवधि में यह निवेशकों के लिए बेहतर साबित हुआ है। पिछले तीन वर्षों में कंपनी के शेयर ने करीब **26 प्रतिशत** और पिछले पांच वर्षों में लगभग **52 प्रतिशत** का रिटर्न दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार मिल रहे विदेशी ऑर्डर कंपनी की ऑर्डर बुक, राजस्व और मुनाफे को मजबूत कर सकते हैं, जिसका सकारात्मक असर आने वाले समय में इसके शेयर प्रदर्शन पर भी देखने को मिल सकता है।