नई दिल्ली। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच एक सस्ते शेयर ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। करीब 27 रुपये के भाव वाले टाइगर लॉजिस्टिक्स (इंडिया) के शेयर में अचानक खरीदारी बढ़ गई और शेयर में तेजी देखने को मिली। इस तेजी के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से जुड़ा एक फैसला बताया जा रहा है।
मंगलवार को बाजार में कई शेयर दबाव में कारोबार कर रहे थे, लेकिन टाइगर लॉजिस्टिक्स के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। कंपनी के शेयर इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान करीब 4 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 28 रुपये के स्तर के आसपास पहुंच गए। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कंपनी से जुड़ी सकारात्मक खबरों के कारण निवेशकों ने इस शेयर में खरीदारी बढ़ाई।
दरअसल, टाइगर लॉजिस्टिक्स (इंडिया) ने जानकारी दी थी कि उसे भारतीय रिजर्व बैंक के फॉरेन एक्सचेंज डिपार्टमेंट से एक कंपाउंडिंग ऑर्डर मिला है। यह मामला फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट यानी FEMA से जुड़े नियमों के अनुपालन से संबंधित था। कंपनी ने बताया कि तय राशि का भुगतान कर इस मामले को सुलझा लिया गया है।
कंपनी के अनुसार, आरबीआई के आदेश के तहत करीब 59,981 रुपये का भुगतान किया गया और इसके बाद मामला बंद हो गया। कंपनी ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई का उसके सामान्य कारोबार या भविष्य की गतिविधियों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। इसी खबर के बाद बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा और शेयर में खरीदारी देखने को मिली।
27 रुपये के शेयर में क्यों आई तेजी
टाइगर लॉजिस्टिक्स का शेयर लंबे समय से दबाव में था। कंपनी के शेयर ने पिछले समय में गिरावट का सामना किया था, लेकिन आरबीआई से जुड़े मामले के समाधान की खबर आने के बाद निवेशकों ने इसे सकारात्मक संकेत के रूप में लिया। बाजार में कई बार किसी कंपनी से जुड़ी नकारात्मक खबर खत्म होने पर भी शेयर में तेजी देखने को मिलती है।
निवेशकों को उम्मीद है कि अब कंपनी बिना किसी कानूनी बाधा के अपने कारोबार पर ज्यादा ध्यान दे सकेगी। इसी उम्मीद के चलते छोटे निवेशकों ने इस पेनी स्टॉक में खरीदारी बढ़ाई।
कंपनी के तिमाही नतीजे कैसे रहे
टाइगर लॉजिस्टिक्स ने हाल में अपने तिमाही नतीजे भी जारी किए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, जून तिमाही में कंपनी की बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन मुनाफे में गिरावट आई। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कम रहा।
बिक्री बढ़ने के बावजूद मुनाफे में कमी निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय हो सकती है। बाजार में किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, भविष्य की योजनाओं और जोखिमों को समझना जरूरी होता है।
शेयर का प्रदर्शन
टाइगर लॉजिस्टिक्स का शेयर हाल के महीनों में उतार-चढ़ाव से गुजरा है। रिपोर्ट के अनुसार, शेयर ने पिछले साल अपना 52 हफ्तों का उच्च स्तर करीब 56 रुपये के आसपास बनाया था, जबकि इस साल यह 22 रुपये के करीब निचले स्तर तक भी पहुंचा।
कम कीमत वाले शेयरों में अक्सर छोटे निवेशकों की रुचि ज्यादा रहती है क्योंकि कम पूंजी में ज्यादा शेयर खरीदे जा सकते हैं। हालांकि, ऐसे शेयरों में जोखिम भी अधिक होता है और इनमें तेजी या गिरावट तेजी से हो सकती है।
RBI के फैसलों का बाजार पर असर
भारतीय रिजर्व बैंक के फैसले अक्सर शेयर बाजार और कंपनियों के प्रदर्शन पर असर डालते हैं। ब्याज दर, विदेशी मुद्रा नियम और वित्तीय नीतियां बाजार की धारणा को प्रभावित करती हैं। आरबीआई की नीतियों से बैंकिंग, निर्यात, आयात और कई अन्य क्षेत्रों की कंपनियों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि, किसी एक खबर के आधार पर शेयर खरीदना जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को कंपनी के कारोबार, कर्ज, मुनाफे और भविष्य की संभावनाओं का अध्ययन करने के बाद ही फैसला लेना चाहिए।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
27 रुपये के आसपास कारोबार करने वाले शेयर में तेजी ने बाजार का ध्यान जरूर खींचा है, लेकिन पेनी स्टॉक में निवेश करते समय सावधानी जरूरी है। कम कीमत का मतलब हमेशा सस्ता निवेश नहीं होता। कंपनी की मजबूती और लंबे समय की संभावनाएं ज्यादा महत्वपूर्ण होती हैं।
फिलहाल टाइगर लॉजिस्टिक्स के शेयर में आरबीआई से जुड़े मामले के समाधान के बाद खरीदारी देखने को मिली है। आने वाले समय में शेयर की दिशा कंपनी के प्रदर्शन और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
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