बिजनेस : सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। सर्राफा बाजार में चांदी ने एक बार फिर लंबी छलांग लगाई है। **चांदी के भाव में करीब 14,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक की तेजी दर्ज की गई है।** इस उछाल के बाद चांदी खरीदने वालों के लिए कीमतें काफी बढ़ गई हैं।
कीमती धातुओं में लगातार तेजी का दौर बना हुआ है। वैश्विक बाजार में मजबूत मांग, डॉलर में उतार-चढ़ाव और निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ता रुझान चांदी की कीमतों को समर्थन दे रहा है। इसके अलावा औद्योगिक इस्तेमाल बढ़ने से भी चांदी की मांग मजबूत हुई है।
चांदी के दाम में क्यों आया उछाल?
चांदी को सिर्फ आभूषणों के लिए ही नहीं बल्कि उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई तकनीकी उत्पादों में चांदी की जरूरत होती है। यही वजह है कि इसकी कीमतों पर निवेश मांग के साथ-साथ औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है।
इसके अलावा वैश्विक बाजार में आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक कीमती धातुओं में पैसा लगाना पसंद करते हैं। सोने की तरह चांदी भी ऐसे समय में निवेश का आकर्षक विकल्प बन जाती है।
यूपी में क्या रहा चांदी का भाव?
उत्तर प्रदेश में चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 21 अगस्त 2026 को यूपी में चांदी का भाव करीब **265 रुपये प्रति ग्राम** के आसपास रहा। यानी 1 किलोग्राम चांदी की कीमत लगभग **2.65 लाख रुपये** तक पहुंच गई।
अलग-अलग शहरों में सर्राफा बाजार, स्थानीय टैक्स और मांग के आधार पर कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।
बिहार में चांदी का रेट
बिहार में भी चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 21 अगस्त 2026 को बिहार में चांदी का भाव करीब **2,74,100 रुपये प्रति किलोग्राम** रहा। एक दिन पहले की तुलना में इसमें करीब **10,200 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी** दर्ज की गई।
मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में भी चांदी का भाव करीब इसी स्तर के आसपास रहा। यहां 1 किलोग्राम चांदी की कीमत लगभग 2.74 लाख रुपये दर्ज की गई।
त्योहारों से पहले बढ़ी मांग
देश में त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ही चांदी की मांग बढ़ने लगी है। लोग चांदी के सिक्के, बर्तन, गहने और निवेश के लिए इसकी खरीदारी करते हैं।
शादी के सीजन और धार्मिक अवसरों पर चांदी की खरीदारी परंपरागत रूप से ज्यादा होती है। ऐसे में कीमतों में तेजी का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है।
क्या अभी चांदी खरीदना सही है?
चांदी की कीमतों में तेजी के बीच निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि अभी खरीदारी की जाए या इंतजार किया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि कीमती धातुओं में निवेश हमेशा लंबी अवधि के नजरिए से करना चाहिए। कीमतों में अचानक तेजी के बाद कुछ समय के लिए गिरावट भी आ सकती है।
अगर कोई निवेशक चांदी में पैसा लगाना चाहता है तो उसे बाजार की स्थिति, अपनी जरूरत और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।
चांदी में आगे तेजी जारी रहेगी?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में चांदी की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करेंगी। इनमें वैश्विक अर्थव्यवस्था, अमेरिकी ब्याज दरें, डॉलर की स्थिति और औद्योगिक मांग प्रमुख हैं।
अगर सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में मांग मजबूत बनी रहती है तो चांदी की कीमतों को समर्थन मिल सकता है।
गहने खरीदने वालों पर असर
चांदी महंगी होने से आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों का बजट प्रभावित हो रहा है। पहले जहां लोग बड़ी मात्रा में चांदी के सामान खरीद लेते थे, अब कई ग्राहक कम वजन या छोटे उत्पादों की ओर जा रहे हैं।
ज्वेलर्स का कहना है कि कीमतों में तेजी के बावजूद चांदी की मांग बनी हुई है क्योंकि भारतीय बाजार में इसे शुभ धातु माना जाता है।
निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
चांदी में निवेश करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
* कीमतों की पूरी जानकारी लें।
* एक साथ बड़ी रकम लगाने से बचें।
* शुद्धता की जांच जरूर करें।
* लंबे समय के लक्ष्य के साथ निवेश करें।
* बाजार की तेजी देखकर जल्दबाजी में फैसला न लें।
कुल मिलाकर, चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी तेजी देखने को मिली है। **14,000 रुपये प्रति किलो तक महंगी हुई चांदी ने यूपी और बिहार समेत कई राज्यों के सर्राफा बाजार में हलचल बढ़ा दी है।** विशेषज्ञों के मुताबिक, आगे भी चांदी की चाल वैश्विक बाजार और मांग पर निर्भर करेगी।
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