बिजनेस । घरेलू LPG सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने गैस सिलेंडर की रिफिल बुकिंग से जुड़े नियम में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब गांव और शहर में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर बुक करने का नियम एक जैसा होगा। ग्रामीण ग्राहकों को अगला सिलेंडर बुक करने के लिए 45 दिन तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब पूरे देश में अगली रिफिल बुकिंग **25 दिन के अंतराल** के बाद की जा सकेगी।
इस बदलाव का सीधा फायदा खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले उपभोक्ताओं को मिलने वाला है। अभी तक शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग के अंतराल में फर्क था। नई व्यवस्था के बाद यह अंतर खत्म हो जाएगा।
अब 25 दिन बाद करा सकेंगे अगली बुकिंग
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया है कि सरकार ने तेल विपणन कंपनियों को LPG रिफिल बुकिंग के अंतराल को पूरे देश में समान करने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उपभोक्ता पिछली रिफिल के **25 दिन बाद** अगला घरेलू LPG सिलेंडर बुक कर सकेंगे।
इससे पहले ग्रामीण इलाकों में अगली रिफिल के लिए 45 दिन तक का अंतर रखा गया था, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह अवधि 25 दिन थी। अब ग्रामीण ग्राहकों को अतिरिक्त 20 दिनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
ग्रामीण ग्राहकों को सबसे ज्यादा राहत
नए नियम का सबसे बड़ा असर गांवों में रहने वाले परिवारों पर पड़ेगा। ऐसे परिवार जिनमें खाना बनाने के लिए LPG की खपत ज्यादा होती है, उनके लिए 45 दिन की अवधि परेशानी पैदा कर सकती थी।
अगर सिलेंडर निर्धारित समय से पहले खत्म हो जाता था तो अगली बुकिंग के लिए इंतजार करना पड़ सकता था। अब 25 दिन की समान व्यवस्था से ऐसे परिवारों को सिलेंडर जल्दी बुक करने की सुविधा मिलेगी।
इसके साथ ही शहर और गांव के उपभोक्ताओं के बीच रिफिल बुकिंग को लेकर चली आ रही अलग-अलग व्यवस्था भी समाप्त हो जाएगी।
क्यों बनाया गया था 25 और 45 दिन का नियम?
इससे पहले LPG की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए शहरी उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग का न्यूनतम अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन किया गया था। ग्रामीण क्षेत्रों में यह अंतर 45 दिन तक रखा गया।
इन कदमों का उद्देश्य सिलेंडरों की जमाखोरी, घरेलू LPG के व्यावसायिक इस्तेमाल और अनधिकृत डायवर्जन को रोकना था।
अब सरकार ने ग्रामीण इलाकों की व्यावहारिक जरूरतों को देखते हुए पूरे देश के लिए एक समान 25 दिन का नियम लागू करने का फैसला किया है।
OTP से सिलेंडर डिलीवरी भी अहम
LPG वितरण प्रणाली में एक और बड़ा बदलाव **Delivery Authentication Code यानी DAC** का इस्तेमाल है। गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त कोड के जरिए डिलीवरी सत्यापित की जाती है।
सरकार के मुताबिक डायवर्जन रोकने के लिए DAC आधारित डिलीवरी का दायरा काफी बढ़ाया गया है। ऐसे में ग्राहकों के लिए LPG कनेक्शन के साथ सही मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना महत्वपूर्ण है।
ग्राहकों को अपना डिलीवरी कोड केवल अधिकृत LPG डिलीवरी कर्मचारी को सिलेंडर प्राप्त करते समय ही देना चाहिए।
e-KYC पर भी दें ध्यान
LPG उपभोक्ताओं के लिए e-KYC भी महत्वपूर्ण है। खासतौर पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के उन लाभार्थियों को आधार आधारित प्रमाणीकरण पूरा करने की जरूरत है, जिन्होंने पहले यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि अपने LPG खाते में मोबाइल नंबर और दूसरी जरूरी जानकारी अपडेट रखें, ताकि बुकिंग, डिलीवरी और सब्सिडी से जुड़ी सेवाओं में परेशानी न हो।
ग्राहकों पर क्या होगा सीधा असर?
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ग्रामीण उपभोक्ता अब सिलेंडर खत्म होने की स्थिति में अगली रिफिल के लिए लंबा इंतजार करने से बच सकेंगे। पूरे देश में समान नियम होने से LPG कंपनियों के लिए भी बुकिंग व्यवस्था को संचालित करना आसान हो सकता है।
हालांकि 25 दिन का अंतर खत्म नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि उपभोक्ता पिछली रिफिल के तुरंत बाद दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। अगली पात्र बुकिंग के लिए निर्धारित अवधि पूरी होना जरूरी होगा।
कुल मिलाकर नया फैसला ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है। 45 दिन की प्रतीक्षा अवधि घटकर 25 दिन होने से देशभर में LPG रिफिल बुकिंग का नियम एक समान हो गया है और लाखों परिवारों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
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