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8वें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ाने का नया फॉर्मूला चर्चा में कर्मचारियों को कितना लाभ

Ratna Netam
7 Sept 2026 5:59 PM IST
8वें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ाने का नया फॉर्मूला चर्चा में कर्मचारियों को कितना लाभ
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बिजनेस । 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उनकी सैलरी कितनी बढ़ेगी। इस बीच फिटमेंट फैक्टर के साथ सालाना इंक्रीमेंट की दर बढ़ाने की मांग भी चर्चा में आ गई है। कर्मचारी संगठनों की तरफ से मौजूदा 3 प्रतिशत सालाना इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6 से 7 प्रतिशत तक करने जैसी मांगें सामने आई हैं। ऐसे में सवाल है कि अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹35,000 है तो नए वेतन आयोग में उसे कितना फायदा हो सकता है?
फिलहाल सरकार या 8वें वेतन आयोग ने अंतिम फिटमेंट फैक्टर और सालाना इंक्रीमेंट की नई दर घोषित नहीं की है। इसलिए सामने आ रहे आंकड़ों को संभावित कैलकुलेशन के तौर पर ही समझना जरूरी है।
क्या है फिटमेंट फैक्टर?
वेतन आयोग लागू होने पर मौजूदा बेसिक पे को नए पे स्ट्रक्चर में बदलने के लिए फिटमेंट फैक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आसान भाषा में कहें तो मौजूदा बेसिक पे को निर्धारित फिटमेंट फैक्टर से गुणा करके संशोधित बेसिक पे का शुरुआती अनुमान लगाया जाता है।
मान लीजिए किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक पे ₹35,000 है और उदाहरण के तौर पर 2.15 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है। ऐसी स्थिति में गणना होगी-
₹35,000 × 2.15 = ₹75,250
यानी इस उदाहरण में नई बेसिक पे ₹75,250 बन सकती है। हालांकि यह केवल गणितीय उदाहरण है, क्योंकि 2.15 फिटमेंट फैक्टर पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है।
7% इंक्रीमेंट से क्या होगा?
फिटमेंट फैक्टर शुरुआती संशोधित बेसिक पे तय करने में मदद करता है, जबकि सालाना इंक्रीमेंट कर्मचारी की सैलरी को आगे के वर्षों में बढ़ाता है।
अभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए सामान्य वार्षिक इंक्रीमेंट की दर बेसिक पे का करीब 3 प्रतिशत है। कुछ कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाने की मांग की है। इनमें 6 प्रतिशत के साथ 7 प्रतिशत तक सालाना इंक्रीमेंट की मांग भी चर्चा में है।
अगर उदाहरण के लिए ₹75,250 की नई बेसिक पे पर 7 प्रतिशत सालाना बढ़ोतरी मान ली जाए तो एक साल बाद यह लगभग ₹80,518 हो सकती है। अगले साल फिर 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने पर रकम करीब ₹86,154 तक पहुंच सकती है।
इस तरह ऊंचे सालाना इंक्रीमेंट का वास्तविक फायदा लंबी अवधि में ज्यादा दिखाई देगा।
फिटमेंट फैक्टर या 7% इंक्रीमेंट, कौन ज्यादा फायदेमंद?
दोनों का काम अलग-अलग है। ज्यादा फिटमेंट फैक्टर कर्मचारी की शुरुआती संशोधित बेसिक पे को बड़ा कर सकता है। इसके विपरीत ज्यादा सालाना इंक्रीमेंट नौकरी के बाकी वर्षों में बेसिक पे को तेजी से बढ़ा सकता है।
उदाहरण के लिए 2.15 फिटमेंट फैक्टर पर ₹35,000 की बेसिक पे ₹75,250 होती है। इसके बाद अगर 3 प्रतिशत सालाना इंक्रीमेंट मिले तो एक साल बाद बेसिक करीब ₹77,508 होगी। लेकिन 7 प्रतिशत इंक्रीमेंट मिलने पर यही रकम करीब ₹80,518 हो सकती है।
यानी शुरुआती अंतर बहुत बड़ा नहीं दिखाई देता, लेकिन कई वर्षों तक कंपाउंड होने पर दोनों दरों के बीच अंतर काफी बढ़ सकता है।
कर्मचारी संगठन क्यों उठा रहे मांग?
कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि महंगाई और लंबे करियर को देखते हुए केवल शुरुआती वेतन संशोधन पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। सालाना इंक्रीमेंट की दर बढ़ने से कर्मचारियों को नौकरी के पूरे कार्यकाल में फायदा मिल सकता है।
7 प्रतिशत सालाना इंक्रीमेंट की मांग AINPSEF की ओर से उठाई गई है, जबकि NC-JCM, AIDEF और FNPO जैसे संगठनों की तरफ से 6 प्रतिशत इंक्रीमेंट की मांग सामने आई है।
अभी अंतिम फैसला बाकी
8वां वेतन आयोग फिलहाल विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर संगठनों समेत हितधारकों के साथ विचार-विमर्श कर रहा है। 7 और 8 सितंबर को चेन्नई में भी कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के साथ बैठकें हो रही हैं। इसके बाद 9 सितंबर को पुडुचेरी में चर्चा निर्धारित है।
केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस को अक्टूबर 2025 में मंजूरी दी थी। आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने में अपनी सिफारिशें देनी हैं। सरकार ने कहा था कि पिछले रुझान को देखते हुए इसकी सिफारिशों का प्रभाव सामान्यतः 1 जनवरी 2026 से अपेक्षित है।
ऐसे में ₹35,000 बेसिक पे वाले कर्मचारी की वास्तविक नई सैलरी कितनी होगी, इसका सटीक जवाब फिटमेंट फैक्टर, पे मैट्रिक्स, इंक्रीमेंट और भत्तों पर आयोग की अंतिम सिफारिशें तथा सरकार का फैसला आने के बाद ही मिलेगा।
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