मुंबई। देश के सबसे अमीर उद्योगपतियों में शामिल मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ (Jio IPO) ने शेयर बाजार में नया इतिहास रच दिया है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को जियो का आईपीओ दुनिया का पहला ऐसा सार्वजनिक निर्गम बन गया, जिसे एक करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस उपलब्धि के साथ जियो ने वारी एनर्जीज के नाम दर्ज लगभग 97 लाख आवेदनों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। खास बात यह है कि जियो ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि आईपीओ की आवेदन अवधि समाप्त होने से करीब पांच घंटे पहले ही हासिल कर ली।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ निवेशकों के बीच जबरदस्त चर्चा में है। करीब 30,213 करोड़ रुपये के इस आईपीओ को देश के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में गिना जा रहा है। संस्थागत निवेशकों से लेकर छोटे निवेशकों तक ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है। शुक्रवार दोपहर तक आईपीओ को करीब 7.5 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
एक करोड़ आवेदन पाकर बनाया नया विश्व रिकॉर्ड
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने आवेदन संख्या के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। शुक्रवार दोपहर तक इस सार्वजनिक निर्गम को एक करोड़ से अधिक आवेदन मिल चुके थे।इससे पहले यह रिकॉर्ड वारी एनर्जीज के नाम था। वारी एनर्जीज के आईपीओ को लगभग 97 लाख आवेदन मिले थे।जियो ने इस आंकड़े को पार करके वैश्विक स्तर पर नया रिकॉर्ड बनाने का दावा किया है।हालांकि, यह रिकॉर्ड आईपीओ को प्राप्त आवेदनों की संख्या से संबंधित है। इसे सबसे अधिक रकम जुटाने या सबसे ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिलने के रिकॉर्ड से अलग समझना जरूरी है।
बजाज हाउसिंग और भारत कोकिंग कोल भी पीछे
भारत के आईपीओ बाजार में इससे पहले भी कई कंपनियों को निवेशकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी।वारी एनर्जीज के अलावा बजाज हाउसिंग फाइनेंस और भारत कोकिंग कोल के आईपीओ भी आवेदन संख्या के मामले में चर्चित रहे हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, बजाज हाउसिंग फाइनेंस और भारत कोकिंग कोल के सार्वजनिक निर्गमों को लगभग 90-90 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे।लेकिन जियो प्लेटफॉर्म्स ने एक करोड़ आवेदन का आंकड़ा पार करके इन कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है।इस उपलब्धि को भारतीय प्राथमिक शेयर बाजार में बढ़ती निवेशक भागीदारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
दोपहर तक 7.5 गुना सब्सक्राइब हुआ आईपीओ
जियो के आईपीओ को अलग-अलग निवेशक श्रेणियों में मजबूत प्रतिक्रिया मिली है।23 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सार्वजनिक निर्गम में उपलब्ध 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले लगभग 7.5 गुना शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हो चुकी थीं।योग्य संस्थागत खरीदारों यानी QIB की श्रेणी में 16.06 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया।गैर-संस्थागत निवेशकों यानी NII की श्रेणी में 10.14 गुना आवेदन मिले, जबकि खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से को 2.1 गुना सब्सक्राइब किया गया।इन आंकड़ों से पता चलता है कि संस्थागत निवेशकों की ओर से विशेष रूप से मजबूत मांग रही है।
30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ लगभग 30,213 करोड़ रुपये का है। कंपनी ने इसके लिए प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है।आईपीओ में कुल 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने का प्रावधान है।यह एक फ्रेश इश्यू है, जिसके तहत जुटाई जाने वाली राशि कंपनी को प्राप्त होगी।इस रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार के विस्तार, कर्ज से जुड़ी जरूरतों और डिजिटल सेवाओं में निवेश के लिए कर सकती है।जियो प्लेटफॉर्म्स दूरसंचार सेवाओं के अलावा डिजिटल टेक्नोलॉजी, क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भी अपने कारोबार का विस्तार कर रही है।
पहले दिन ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था आईपीओ
जियो का आईपीओ बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को निवेशकों के लिए खुला था।पहले दिन ही निवेशकों ने इस सार्वजनिक निर्गम में जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई।रिपोर्ट के अनुसार, आईपीओ खुलने के शुरुआती 100 मिनट के भीतर ही यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था।पहले कारोबारी दिन शाम तक निवेशकों ने लगभग 62.36 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाई थीं, जबकि सार्वजनिक निर्गम में 19.75 करोड़ शेयर उपलब्ध थे।इस तरह पहले दिन करीब 3.16 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज हुआ था।इसके बाद दूसरे और तीसरे दिन भी निवेशकों की ओर से मांग बढ़ती रही।
एंकर निवेशकों से जुटाए 8,109 करोड़ रुपये
जियो प्लेटफॉर्म्स ने सार्वजनिक निर्गम खुलने से पहले एंकर निवेशकों से भी बड़ी राशि जुटाई थी।कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों को कुल 8,109.85 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे।यह आवंटन प्राइस बैंड की ऊपरी सीमा यानी 1,119 रुपये प्रति शेयर पर किया गया था।एंकर निवेशकों के हिस्से के लिए लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की मांग मिलने की जानकारी सामने आई थी।इतनी बड़ी संस्थागत दिलचस्पी ने आईपीओ के प्रति निवेशकों के उत्साह को और बढ़ाया।
आज शाम सात बजे तक आवेदन का मौका
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंद होने वाला है।नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार, आईपीओ में बोली लगाने की अवधि शाम सात बजे तक निर्धारित है। यूपीआई मैंडेट स्वीकार करने की अंतिम समयसीमा भी शाम सात बजे है।हालांकि, निवेशकों को संबंधित बैंक या ब्रोकर के आंतरिक समय संबंधी निर्देशों का भी ध्यान रखना चाहिए।आईपीओ में आवेदन करने वाले निवेशकों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत राशि बैंक खाते में ब्लॉक की जाती है।आवंटन मिलने पर संबंधित राशि डेबिट होती है, जबकि आवंटन नहीं मिलने की स्थिति में ब्लॉक की गई रकम नियमानुसार मुक्त कर दी जाती है।
28 अक्टूबर को हो सकती है शेयर बाजार में लिस्टिंग
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को होने की उम्मीद है।इसके बाद कंपनी के शेयर शेयर बाजार में कारोबार के लिए उपलब्ध होंगे।निवेशकों की नजर अब आईपीओ के अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों, शेयर आवंटन और लिस्टिंग के प्रदर्शन पर रहेगी।हालांकि, किसी आईपीओ को बड़ी संख्या में आवेदन मिलने का अर्थ यह नहीं है कि उसके शेयर की लिस्टिंग निश्चित रूप से ऊंचे भाव पर होगी।शेयर की शुरुआती कीमत और बाद का प्रदर्शन बाजार की परिस्थितियों, मांग और कंपनी के मूल्यांकन सहित कई कारकों पर निर्भर करता है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ी उपलब्धि
जियो प्लेटफॉर्म्स का एक करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त करना भारतीय आईपीओ बाजार के लिए महत्वपूर्ण घटना है।इससे पता चलता है कि बड़ी भारतीय कंपनियों के सार्वजनिक निर्गमों में खुदरा और संस्थागत निवेशकों की व्यापक भागीदारी हो सकती है।ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म और डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार ने भी शेयर बाजार तक पहुंच को आसान बनाया है।हालांकि, विशेषज्ञ निवेशकों को किसी भी आईपीओ में आवेदन करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार, जोखिम और मूल्यांकन का अध्ययन करने की सलाह देते हैं।