200 करोड़ खर्च करेगी जापानी कंपनी, भारत में शुरू होगा नया प्रोजेक्ट

Update: 2026-07-12 15:40 GMT

नई दिल्ली। जापान की प्रमुख वॉटर ट्रीटमेंट सॉल्यूशन कंपनी डाइकी एक्सिस भारत में अपना कारोबार विस्तार करने की तैयारी कर रही है। कंपनी कर्नाटक के तुमकुरु में अपना तीसरा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करेगी। इस परियोजना पर कंपनी करीब 200 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है।

कंपनी का यह कदम भारत में सस्टेनेबल वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट और पानी के पुन: उपयोग की बढ़ती जरूरत को देखते हुए उठाया गया है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण, औद्योगिक विकास और जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव के बीच देश में आधुनिक जल शोधन तकनीक की मांग लगातार बढ़ रही है।

डाइकी एक्सिस अपने भारतीय सब्सिडियरी डाइकी एक्सिस इंडिया के माध्यम से इस प्लांट की स्थापना करेगी। इस नए प्लांट में जापानी तकनीक जोहकासो (Johkasou) पर आधारित सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम का निर्माण और असेंबलिंग की जाएगी।

जोहकासो तकनीक की खासियत यह है कि इसके जरिए गंदे पानी का विकेंद्रीकृत तरीके से उपचार किया जा सकता है। यानी बड़े ट्रीटमेंट प्लांट के बजाय छोटे स्तर पर भी सीवेज को साफ कर दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है। यह तकनीक पानी की बचत और पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाती है।

डाइकी एक्सिस इंडिया के एडवाइजर केसी पांडे ने बताया कि भारत में वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि देश में तेजी से हो रहे शहरीकरण और औद्योगिक विस्तार के कारण पानी के बेहतर प्रबंधन की जरूरत बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि कर्नाटक में बनने वाला नया प्लांट भारत की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करेगा। इससे जल शोधन से जुड़े उत्पादों के लिए आयात पर निर्भरता कम होगी और देश के विभिन्न हिस्सों में वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट समाधान आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।

कंपनी का यह भारत में तीसरा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होगा। इससे पहले डाइकी एक्सिस भारत में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए अन्य परियोजनाओं पर काम कर चुकी है। नए प्लांट के जरिए कंपनी स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय बाजार की जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान देगी।

जल संकट और प्रदूषण आज दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे समय में पानी के पुन: उपयोग और सीवेज ट्रीटमेंट जैसी तकनीकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। डाइकी एक्सिस का नया निवेश इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

कंपनी को उम्मीद है कि इस परियोजना से न केवल पर्यावरण को फायदा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा भारत में आधुनिक जल प्रबंधन तकनीकों को बढ़ावा देने में भी यह प्लांट महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कर्नाटक के तुमकुरु में प्रस्तावित यह प्लांट भारत-जापान औद्योगिक सहयोग का भी एक उदाहरण माना जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करना तथा देश में टिकाऊ जल समाधान उपलब्ध कराना है।

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