बिजनेस :भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। बाजार खुलने के बाद कुछ समय तक सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी नजर आई, लेकिन कुछ ही देर बाद दोनों प्रमुख इंडेक्स दबाव में आ गए। निवेशकों के बीच खरीदारी और बिकवाली की खींचतान के चलते बाजार का मूड लगातार बदलता रहा।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स बढ़त के साथ खुला और निफ्टी भी हल्की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स करीब 200 से 270 अंकों की मजबूती के साथ आगे बढ़ा, जबकि निफ्टी 24,300 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया। हालांकि, बाजार में यह तेजी ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी और इंडेक्स लाल निशान में भी जाते दिखाई दिए।
निवेशकों में असमंजस की स्थिति
बाजार में आज सबसे बड़ी चुनौती दिशा को लेकर रही। एक तरफ कुछ शेयरों में खरीदारी का माहौल बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ मुनाफावसूली के चलते कई स्टॉक्स पर दबाव देखने को मिला। यही वजह रही कि सेंसेक्स और निफ्टी कभी हरे तो कभी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक मौजूदा समय में निवेशक वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका से जुड़े आर्थिक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं। इन सभी कारणों का असर भारतीय बाजार की चाल पर पड़ रहा है।
कच्चे तेल में नरमी से मिली राहत
आज बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी से कुछ राहत मिली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट से भारत जैसे आयात करने वाले देशों के लिए सकारात्मक संकेत मिले हैं। इससे निवेशकों की धारणा को थोड़ा सहारा मिला।
हालांकि, विदेशी बाजारों के संकेत और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण बाजार में पूरी तरह भरोसा नहीं बन पाया। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाते हुए कारोबार कर रहे हैं।
बैंकिंग और बड़े शेयरों पर नजर
आज के कारोबार में बैंकिंग, आईटी और बड़े मार्केट कैप वाले शेयरों में हलचल देखने को मिली। कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी ने बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन कई कंपनियों में बिकवाली का दबाव भी बना रहा।
बाजार की मौजूदा स्थिति में निवेशक मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ध्यान दे रहे हैं और जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बच रहे हैं।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। अगर वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो भारतीय बाजार में फिर तेजी लौट सकती है।
वहीं, किसी भी नकारात्मक खबर का असर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकता है। ऐसे में निवेशकों को जोखिम प्रबंधन के साथ कारोबार करने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर आज का कारोबारी सत्र बाजार के बदलते मूड का उदाहरण रहा, जहां सेंसेक्स और निफ्टी ने कई बार अपनी दिशा बदली। निवेशकों की नजर अब बाजार के अगले संकेतों पर बनी हुई है।