नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को एक बार फिर तेजी देखने को मिली। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद घरेलू बाजारों में हरियाली लौट आई और सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। निवेशकों की खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कुछ बड़े शेयरों में मजबूती के दम पर बाजार ने शानदार रिकवरी की।
मंगलवार के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 286.98 अंक यानी 0.37 फीसदी की बढ़त के साथ 77,656.09 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 में 115.50 अंकों यानी 0.48 फीसदी की तेजी रही और यह 24,334.55 के स्तर पर पहुंच गया।
गिरावट से उबरकर हरे निशान में बंद हुआ बाजार
कारोबार की शुरुआत में बाजार पर वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक तनाव का दबाव देखने को मिला था। अमेरिका और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के कारण निवेशक सतर्क नजर आ रहे थे। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी बाजारों की चाल पर भी बाजार की नजर थी।
हालांकि, दिन बढ़ने के साथ निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू कर दी। बैंकिंग, आईटी और अन्य प्रमुख सेक्टरों के शेयरों में तेजी से बाजार को सहारा मिला। सेंसेक्स ने दिन के निचले स्तर से करीब 500 अंकों से ज्यादा की रिकवरी की।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिली राहत
बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में कमी सकारात्मक संकेत मानी जाती है।
तेल की कीमतों में कमी से महंगाई और कंपनियों की लागत पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और बाजार में खरीदारी बढ़ी।
इन शेयरों में दिखी मजबूती
मंगलवार के कारोबार में कई बड़े शेयरों ने बाजार को ऊपर ले जाने में योगदान दिया। आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एलएंडटी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे प्रमुख शेयरों में तेजी देखने को मिली।
आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में खरीदारी से निवेशकों का उत्साह बढ़ा। इसके अलावा हेल्थकेयर, ऑटो और वित्तीय सेवाओं से जुड़े कई शेयर भी मजबूत नजर आए।
12 सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद
एनएसई के प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। 15 प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में से 12 इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। हेल्थकेयर इंडेक्स में करीब 1 फीसदी की तेजी रही, जबकि ऑटो, आईटी, एफएमसीजी, फार्मा और बैंकिंग सेक्टर में भी मजबूती रही। (
यह संकेत देता है कि बाजार में केवल चुनिंदा शेयरों में ही नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों में खरीदारी का रुझान देखने को मिला।
निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाओं पर
हालांकि बाजार में तेजी लौटी है, लेकिन निवेशक अभी भी वैश्विक परिस्थितियों को लेकर सतर्क हैं। अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी बाजारों की चाल और आने वाले आर्थिक आंकड़ों का असर आगे भी देखने को मिल सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल और लंबी अवधि के प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए।
विदेशी और घरेलू निवेशकों की भूमिका
भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की गतिविधियां भी अहम भूमिका निभाती हैं। हाल के सत्रों में घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को मजबूती देने में मदद की है।
अगर वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते रहे और घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रही तो बाजार में आगे भी तेजी की संभावना बनी रह सकती है।
सेंसेक्स-निफ्टी की आगे की दिशा
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार की चाल वैश्विक संकेतों, तेल कीमतों और कंपनियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच खरीदारी का माहौल बना हुआ है।
निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे बाजार की तेजी देखकर बिना विश्लेषण के निवेश न करें। अच्छी कंपनियों के शेयरों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।