देहरादून: रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों के बीच देहरादून के लोगों को प्याज के दाम में राहत मिली है। शहर में नासिक से आई प्याज 35 रुपये प्रति किलो की दर से बेची जा रही है। बाजार के मुकाबले किफायती दर पर प्याज मिलने की जानकारी फैलते ही खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ पहुंच गई। लोगों की दिलचस्पी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक दिन में करीब 800 किलो प्याज बिक गई।
प्याज की कीमत आम आदमी के घरेलू बजट पर सीधा असर डालती है। खुदरा बाजार में दाम बढ़ने पर रसोई का खर्च भी बढ़ जाता है। ऐसे में 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध होने पर बड़ी संख्या में उपभोक्ता खरीदारी के लिए पहुंचे। बिक्री केंद्र पर दिनभर खरीदारों की आवाजाही बनी रही।
बताया जा रहा है कि बिक्री के लिए उपलब्ध प्याज महाराष्ट्र के नासिक से मंगाई गई है। नासिक देश के प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है और यहां से देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी मात्रा में प्याज की आपूर्ति होती है। देहरादून में भी नासिक की प्याज पहुंचने के बाद इसे उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया गया।
कम कीमत की जानकारी लोगों तक पहुंचने के बाद बिक्री में तेजी देखने को मिली। पहले ही दिन करीब 800 किलो प्याज बिकने का दावा किया गया है। इससे साफ है कि घरेलू जरूरत की वस्तुओं की कीमतों में थोड़ी राहत भी उपभोक्ताओं को तेजी से आकर्षित करती है।
प्याज खरीदने पहुंचे लोगों के लिए कम कीमत सबसे बड़ी राहत रही। परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों में प्याज का नियमित इस्तेमाल होता है। ऐसे में बाजार भाव की तुलना में कम दर पर प्याज मिलने से घरेलू बजट में कुछ राहत मिल सकती है। खासकर अधिक मात्रा में प्याज इस्तेमाल करने वाले परिवारों के लिए कीमत का अंतर महत्वपूर्ण हो जाता है।
प्याज की कीमतें मांग और आपूर्ति के हिसाब से लगातार बदलती रहती हैं। उत्पादन वाले क्षेत्रों में मौसम, फसल की स्थिति, परिवहन खर्च और मंडियों में आवक का असर खुदरा कीमतों पर पड़ सकता है। इसलिए किसी एक बिक्री केंद्र पर 35 रुपये किलो प्याज मिलने को पूरे देहरादून का समान बाजार भाव नहीं माना जाना चाहिए।
वहीं सस्ती प्याज की बिक्री आगे कितने दिनों तक जारी रहेगी और प्रतिदिन कितनी मात्रा उपलब्ध कराई जाएगी, यह आपूर्ति पर निर्भर करेगा। खरीदारों को बिक्री केंद्र पर उपलब्धता और उस दिन की निर्धारित कीमत की जानकारी लेने के बाद ही पहुंचना बेहतर होगा।
फिलहाल 35 रुपये प्रति किलो में नासिक की प्याज मिलने से देहरादून के उपभोक्ताओं को राहत मिली है। एक ही दिन में करीब 800 किलो की बिक्री ने भी दिखाया कि महंगाई के दौर में किफायती कीमत पर रोजमर्रा का सामान उपलब्ध होने पर लोगों की मांग कितनी तेजी से बढ़ सकती है।
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