जून में महंगाई दर में उछाल, आम जनता परेशान

Update: 2026-07-13 10:57 GMT

नई दिल्ली। देश में महंगाई का दबाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। जून 2026 में खुदरा महंगाई दर (Consumer Price Index) बढ़कर 4.38 प्रतिशत पर पहुंच गई। मई 2026 में यह दर 3.93 प्रतिशत थी। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में उपभोक्ता कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसका सबसे ज्यादा असर खाद्य वस्तुओं पर देखने को मिला।

खाद्य महंगाई दर (Consumer Food Price Index) जून 2026 में बढ़कर 5.32 प्रतिशत हो गई, जबकि मई में यह 4.78 प्रतिशत थी। खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि के चलते आम लोगों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा है। खासकर अदरक, टमाटर और अन्य सब्जियों की कीमतों में तेजी ने रसोई का खर्च बढ़ा दिया है।

सब्जियों की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

महंगाई बढ़ने का प्रमुख कारण सब्जियों और कुछ खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उछाल माना जा रहा है। मौसम संबंधी परिस्थितियों, उत्पादन में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति में बाधाओं के कारण कई सब्जियों के दाम बढ़े हैं। टमाटर और अदरक जैसी रोजमर्रा की जरूरत वाली वस्तुओं की कीमतों में तेजी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ा है।

खाद्य वस्तुओं की महंगाई आम परिवारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि खाने-पीने की चीजों पर होने वाला खर्च घरेलू बजट का बड़ा हिस्सा होता है। खासकर कम आय वाले परिवारों को बढ़ती कीमतों का अधिक सामना करना पड़ता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा असर

जारी आंकड़ों के मुताबिक, महंगाई का असर ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी इलाकों की तुलना में अधिक रहा। जून 2026 में ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महंगाई दर 4.74 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.92 प्रतिशत रही।

ग्रामीण इलाकों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का प्रभाव ज्यादा महसूस किया गया है, क्योंकि वहां परिवारों की आय का बड़ा हिस्सा खाने-पीने की चीजों पर खर्च होता है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने यहां भी उपभोक्ताओं को प्रभावित किया है।

महंगाई नियंत्रण के लिए चुनौतियां

महंगाई दर में बढ़ोतरी सरकार और रिजर्व बैंक के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है। रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति तय करते समय खुदरा महंगाई दर को प्रमुख आधार मानता है। लगातार बढ़ती खाद्य महंगाई से कीमतों को नियंत्रित रखना नीति निर्माताओं के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सब्जियों और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता आने पर महंगाई में राहत मिल सकती है। इसके लिए बेहतर आपूर्ति व्यवस्था, उत्पादन में सुधार और बाजार निगरानी जरूरी होगी।

जून 2026 के आंकड़े बताते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था में महंगाई का दबाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हालांकि खुदरा महंगाई दर अभी भी स्वीकार्य दायरे में बनी हुई है, लेकिन खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतें आम जनता के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं।

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