ICRA का बड़ा अनुमान: वित्त वर्ष 2026 में 7.4% की रफ्तार से दौड़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था
Business बिजनेस: रेटिंग एजेंसी इक्रा ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर यानी जीडीपी ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान लगाया है। यह दर पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले अधिक है और भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन का संकेत देती है। इक्रा की रिपोर्ट के अनुसार, बिजली, खनन और कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्रों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जो अर्थव्यवस्था की गति को बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन सेक्टर्स में सुधार निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायक होगा। बिजली क्षेत्र में उत्पादन और वितरण में बढ़ोतरी, खनन उद्योग में उत्पादन क्षमता में सुधार और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में परियोजनाओं की तेजी आर्थिक वृद्धि को मजबूती प्रदान करेगी। इसके अलावा, उद्योग और निर्माण क्षेत्र में निवेश और मांग की बढ़ोतरी भी जीडीपी के आंकड़ों को प्रभावित करेगी।
इक्रा ने फरवरी 2026 में आरबीआई (भारतीय रिज़र्व बैंक) की मौद्रिक नीति में कोई बदलाव न होने की संभावना जताई है। इसका मतलब है कि ब्याज दरें स्थिर रह सकती हैं, जिससे निवेशकों और उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक स्थिति में स्थिरता बनी रहेगी। स्थिर ब्याज दरें क्रेडिट और लोन की उपलब्धता को प्रभावित कर सकती हैं, जो औद्योगिक और व्यक्तिगत निवेश को बढ़ावा देती हैं।
रिपोर्ट में खुदरा महंगाई पर भी ध्यान दिया गया है। इक्रा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में खुदरा महंगाई दर में कमी आने की उम्मीद है। इससे आम लोगों की क्रय शक्ति बढ़ सकती है और उपभोग में सुधार हो सकता है। महंगाई नियंत्रण में रहने से उपभोक्ताओं और व्यवसायों के बीच संतुलन बना रहेगा, जो अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।
इक्रा का यह अनुमान भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़ती मजबूती और निवेश में विश्वास को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली, खनन और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में सुधार के साथ-साथ खुदरा महंगाई में कमी और आरबीआई की स्थिर नीति आर्थिक विकास को सहारा देगी। इससे न केवल उद्योगपतियों और निवेशकों के लिए अवसर बढ़ेंगे, बल्कि आम जनता के जीवन स्तर में भी सुधार होगा।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि वित्त वर्ष 2025-26 में इस अनुमानित 7.4% की जीडीपी वृद्धि देश की आर्थिक स्थिरता और विश्व स्तर पर निवेशकों के विश्वास को मजबूत करेगी। इसके अलावा, सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर और उत्पादन बढ़ाने वाले उपाय भी इस वृद्धि में योगदान देंगे।
कुल मिलाकर, इक्रा की रिपोर्ट से यह संकेत मिलता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था आगामी वित्त वर्ष में मजबूती की ओर बढ़ रही है। निवेशकों, उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं के लिए यह आंकड़े रणनीतिक फैसले लेने में मददगार साबित होंगे।