सोना रिकॉर्ड स्तर पर, ₹1.46 लाख के पार पहुंचा

Update: 2026-07-03 12:51 GMT

Business: देश में सोना और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। 3 जुलाई 2026 को दोनों कीमती धातुओं के दामों में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोना 3,104 रुपये बढ़कर 10 ग्राम के लिए 1,46,107 रुपये पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमत में 4,504 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है और यह 2,33,354 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। पिछले चार कारोबारी दिनों से सोना-चांदी में लगातार तेजी बनी हुई है। इस दौरान सोना करीब 4,686 रुपये और चांदी लगभग 13,374 रुपये तक महंगी हो चुकी है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल कीमती धातुओं में बुलिश ट्रेंड देखने को मिल रहा है, जिससे निवेशकों की खरीदारी रुचि भी बनी हुई है।

साल की शुरुआत से अब तक तेज बढ़ोतरी

2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमतों में लगभग 12,908 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि चांदी करीब 2,934 रुपये महंगी हुई है। हालांकि इस साल के दौरान दोनों धातुओं में कई उतार-चढ़ाव भी देखने को मिले हैं। इस वर्ष 29 जनवरी को सोना अपने रिकॉर्ड स्तर करीब 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा था, जबकि चांदी ने लगभग 3.86 लाख रुपये प्रति किलो का उच्च स्तर छुआ था। मौजूदा कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, लेकिन रिकॉर्ड से नीचे हैं।

कीमत बढ़ने के प्रमुख कारण

विशेषज्ञों के अनुसार सोना और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण सरकार द्वारा आयात शुल्क में बढ़ोतरी है। मई 2026 में सोना और चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया, जिसमें 10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5 प्रतिशत कृषि उपकर शामिल है। इससे आयात महंगा हुआ और घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ गईं। इसके अलावा सरकार ने विदेशी ज्वेलरी आयात को भी प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया है, जिससे आपूर्ति पर असर पड़ा है। दूसरी ओर शादी-ब्याह और त्योहारों के चलते घरेलू मांग में भी वृद्धि देखी जा रही है। ज्वेलर्स के पुराने स्टॉक, ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा लागत भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।

अलग-अलग शहरों में रेट क्यों अलग

देशभर में सोने की कीमत एक समान नहीं होती। इसका कारण ट्रांसपोर्ट लागत, सुरक्षा खर्च, स्थानीय मांग और आपूर्ति, राज्य कर और स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन द्वारा तय किए गए रेट हैं। ज्वेलर्स की खरीद कीमत भी अंतिम खुदरा मूल्य पर असर डालती है।

बाजार का रुख और आगे की स्थिति

लगातार बढ़ती कीमतों से बाजार में हलचल बनी हुई है। निवेशक सोना और चांदी को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं, जिससे मांग और बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले दिनों में भी कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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