नई दिल्ली। दिवाली और धनतेरस से पहले सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। आमतौर पर त्योहारी सीजन में सोने और चांदी की मांग बढ़ने के साथ इनकी कीमतों में तेजी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार बाजार का रुख कुछ अलग नजर आ रहा है। अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े से कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है। करवाचौथ के मौके पर भी सोने-चांदी के भाव में कमजोरी देखने को मिली थी। अब शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को भी घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुओं के दाम नीचे आए हैं। धनतेरस में अब केवल सात दिन बचे हैं, ऐसे में कीमतों में आई गिरावट ने आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
30 अक्टूबर को सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट
शुक्रवार को घरेलू सर्राफा बाजार में सोना और चांदी दोनों दबाव में नजर आए। ऑल इंडिया बुलियन के मुंबई स्थित जवेरी बाजार संदर्भ भाव के अनुसार, 30 अक्टूबर को सुबह करीब 11:34 बजे 24 कैरेट सोने की कीमत 1,43,911 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव 1,31,822 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।
चांदी की कीमत भी गिरकर 1,90,318 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले बंद भाव के मुकाबले सोना लगभग 420 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 4,550 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई।
हालांकि, ये संदर्भ दरें हैं। अलग-अलग शहरों में स्थानीय मांग, कर और अन्य शुल्क के कारण आभूषणों की वास्तविक कीमत अलग हो सकती है।
अक्टूबर में हजारों रुपये सस्ता हुआ सोना
सोने की कीमतों में आई गिरावट केवल एक दिन तक सीमित नहीं है। अक्टूबर के दौरान कई कारोबारी सत्रों में बाजार में कमजोरी देखने को मिली है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को 24 कैरेट सोने का भाव 1,47,888 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसके मुकाबले 23 अक्टूबर को इसकी कीमत घटकर 1,41,630 रुपये रह गई।
इस तरह करीब 24 दिनों में सोना 6,258 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ। सोने के दाम में इतनी बड़ी गिरावट उन ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो दिवाली या शादी के सीजन में आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं।
कारोबारियों के अनुसार, ऊंची कीमतों के कारण कुछ ग्राहकों ने पहले खरीदारी टाल दी थी। अब कीमतों में नरमी आने के बाद बाजार में उनकी दिलचस्पी दोबारा बढ़ने लगी है।
चांदी की कीमतों में भी जोरदार गिरावट
सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में अधिक उतार-चढ़ाव देखा गया है। अक्टूबर के दौरान चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई है। पिछले कुछ समय में चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी, जिसके कारण सामान्य ग्राहकों के लिए चांदी के सिक्के, बर्तन और आभूषण खरीदना महंगा हो गया था।
लेकिन अब तस्वीर बदलती दिखाई दे रही है। चांदी की कीमतों में आई गिरावट से उन परिवारों को राहत मिल सकती है, जो धनतेरस पर चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं या अन्य वस्तुएं खरीदने की योजना बना रहे हैं।
चांदी का उपयोग केवल आभूषणों में ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा और औद्योगिक उत्पादन में भी किया जाता है। यही वजह है कि इसकी कीमतें निवेशकों की मांग के साथ औद्योगिक गतिविधियों से भी प्रभावित होती हैं।
सोने-चांदी की कीमतों में क्यों आ रही गिरावट?
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अमेरिकी डॉलर की मजबूती, बॉन्ड यील्ड, ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें और निवेशकों की मुनाफावसूली कीमती धातुओं पर दबाव डाल सकती हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़े संकेतों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में मूल्यांकित सोना दूसरे देशों के खरीदारों के लिए महंगा हो सकता है। इससे मांग प्रभावित होने की आशंका रहती है।
इसके अलावा, पिछले महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में काफी तेजी आई थी। ऐसे में कुछ निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली भी बाजार में गिरावट की एक संभावित वजह मानी जा रही है।
करवाचौथ पर भी दिखाई दी थी कमजोरी
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को करवाचौथ के अवसर पर भी सोने-चांदी की कीमतों में नरमी की खबरें सामने आई थीं। कारोबारी सत्र के अलग-अलग समय पर कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। दिन के कुछ समय सोने के वायदा भाव में मामूली तेजी भी दर्ज हुई, जबकि चांदी पर गिरावट का दबाव बना रहा।
करवाचौथ पर सोने के आभूषणों की खरीदारी को विशेष महत्व दिया जाता है। कई परिवार इस अवसर पर सोने की अंगूठी, चेन, मंगलसूत्र और अन्य गहने खरीदते हैं। ऐसे में त्योहारी मौके पर कीमतों में नरमी ग्राहकों के लिए राहत का कारण बनी।
धनतेरस में सात दिन बाकी, क्या और सस्ता होगा सोना?
इस साल धनतेरस 6 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी, जबकि दिवाली 8 नवंबर को है। धनतेरस पर सोना, चांदी और अन्य धातुओं की खरीदारी को शुभ माना जाता है। यही कारण है कि इस अवसर पर सर्राफा बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है।
हालांकि, धनतेरस तक सोना और चांदी और सस्ते होंगे या कीमतों में तेजी आएगी, इसका निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, निवेशकों की गतिविधियों और घरेलू मांग के आधार पर कीमतों में बदलाव हो सकता है।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सोने के गहने खरीदते समय ग्राहकों को केवल बाजार भाव देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। आभूषणों की अंतिम कीमत में मेकिंग चार्ज और जीएसटी जैसे शुल्क भी शामिल होते हैं। इसलिए अलग-अलग दुकानों पर कीमतों की तुलना करना फायदेमंद हो सकता है।
इसके अलावा, सोने के आभूषण खरीदते समय बीआईएस हॉलमार्क और एचयूआईडी की जांच जरूर करें। खरीदारी का पक्का बिल लेना भी जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
फिलहाल धनतेरस और दिवाली से पहले सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट से सर्राफा बाजार में खरीदारी की संभावनाएं बढ़ी हैं। अब ग्राहकों और कारोबारियों की नजर आने वाले कारोबारी सत्रों पर टिकी हुई है।
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