अंबाला में पहला इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड हरियाणा में शुरू हुई टैक्स छूट योजना
हरियाणा में रजिस्ट्रेशन और टैक्स पूरी तरह माफ
अंबाला: हरियाणा में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए सरकार की नई पहल का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मुफ्त पंजीकरण की सुविधा शुरू हो गई है। अंबाला जिले में इस योजना के तहत पहला इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत किया गया है। वाहन मालिक को पंजीकरण शुल्क और मोटर व्हीकल टैक्स में पूरी छूट मिलने से लाखों रुपये की बचत हुई है।
हरियाणा सरकार ने प्रदूषण कम करने और लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण पर लगने वाला टैक्स पूरी तरह माफ किया जा रहा है। इससे ईवी खरीदने वालों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।
अंबाला में हुई पहली शुरुआत
अंबाला में परिवहन विभाग कार्यालय में पहला इलेक्ट्रिक वाहन बिना पंजीकरण शुल्क के दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि नई नीति लागू होने के बाद लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर उत्साह बढ़ रहा है। वाहन खरीदारों को अब पहले की तुलना में कम खर्च में इलेक्ट्रिक वाहन मिल सकेगा। पहले इलेक्ट्रिक वाहनों पर सीमित छूट का प्रावधान था, लेकिन नई व्यवस्था में इसे बढ़ाकर शत-प्रतिशत तक कर दिया गया है। इससे खासतौर पर महंगी इलेक्ट्रिक कार खरीदने वाले ग्राहकों को बड़ा फायदा मिलेगा।
लाखों रुपये तक की हो सकती है बचत
इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स और पंजीकरण शुल्क वाहन की कीमत के अनुसार काफी अधिक होता है। नई छूट व्यवस्था से खरीदारों को हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की बचत हो सकती है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में ईवी की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा और पेट्रोल-डीजल वाहनों पर निर्भरता कम होगी। ₹30 लाख तक की इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर टैक्स छूट से मध्यम वर्ग और निजी वाहन खरीदने वाले लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम
हरियाणा के कई शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा दे रही है। इलेक्ट्रिक वाहन न केवल प्रदूषण कम करते हैं बल्कि इनका संचालन खर्च भी पेट्रोल-डीजल वाहनों की तुलना में कम होता है। सरकार की योजना है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों को अपनाएं। इसके लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी काम किया जा रहा है।
परिवहन विभाग ने शुरू की प्रक्रिया
नई नीति के तहत परिवहन विभाग ने ईवी पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाया है। वाहन डीलरों और आरटीओ कार्यालयों को नए नियमों के अनुसार काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे वाहन खरीदारों को पंजीकरण के लिए अतिरिक्त खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने से राज्य में ईंधन की खपत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।