World वर्ल्ड: यूरोपीय यूनियन की कड़ी पर्यावरणीय नीतियों के चलते वैश्विक केमिकल कंपनियों पर हर साल 20 अरब डॉलर से ज्यादा का खर्च बढ़ रहा है। यूरोपीय केमिकल इंडस्ट्री काउंसिल (CEFIC) के मुताबिक, यह अतिरिक्त लागत कंपनियों पर दबाव बना रही है।
डाउ और लायनडेलबेसल जैसी प्रमुख कंपनियां यूरोप में अपने संयंत्रों की स्थिति पर दोबारा विचार कर रही हैं, जिनमें कुछ इकाइयों को बंद करने की योजनाएं भी शामिल हैं। इसके पीछे कमजोर मांग, कच्चे माल की ऊंची कीमतें और पर्यावरण नियमों की सख्ती प्रमुख वजहें हैं।
यूरोपीय संघ अब फ्री कार्बन उत्सर्जन परमिट खत्म करने और प्रतिबंधित रसायनों की सूची को बढ़ाने की तैयारी में है।