बिजनेस : त्योहारों का सीजन हो या कोई बड़ी खरीदारी, लोग अक्सर महंगे सामान खरीदने के लिए लोन या क्रेडिट कार्ड EMI का सहारा लेते हैं। मोबाइल, लैपटॉप, टीवी, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स या अन्य जरूरतों के लिए आसान किस्तों का विकल्प आकर्षक लगता है। लेकिन कई बार बिना सही जानकारी के लिया गया फैसला बाद में जेब पर भारी पड़ सकता है।क्रेडिट कार्ड EMI और पर्सनल लोन दोनों ही पैसे की जरूरत पूरी करने के तरीके हैं, लेकिन दोनों की ब्याज दर, भुगतान प्रक्रिया और शर्तों में काफी अंतर होता है। ऐसे में खरीदारी से पहले यह समझना जरूरी है कि कौन सा विकल्प आपके लिए बेहतर रहेगा और कौन सा आपकी आर्थिक स्थिति पर दबाव डाल सकता है।
क्रेडिट कार्ड EMI क्या होती है?
क्रेडिट कार्ड EMI एक ऐसी सुविधा है जिसमें आप अपने कार्ड से की गई बड़ी खरीदारी को छोटे-छोटे मासिक भुगतान में बदल सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपने कोई महंगा सामान खरीदा है और एक साथ पूरा भुगतान नहीं करना चाहते, तो बैंक या कार्ड कंपनी उस राशि को कुछ महीनों की किस्तों में बांट देती है।इस सुविधा में आपको हर महीने एक तय रकम चुकानी होती है। हालांकि इसमें ब्याज, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क जुड़े हो सकते हैं, जो कार्ड कंपनी और ऑफर के अनुसार अलग-अलग होते हैं।
पर्सनल लोन क्या होता है?
पर्सनल लोन बैंक या वित्तीय संस्थान से लिया गया ऐसा कर्ज है जिसे आप अपनी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें आपको एक निश्चित राशि मिलती है और उसे तय अवधि में ब्याज के साथ वापस करना होता है।पर्सनल लोन का इस्तेमाल शादी, शिक्षा, मेडिकल जरूरत, यात्रा या बड़ी खरीदारी जैसे कई कामों के लिए किया जा सकता है। इसमें आमतौर पर आपको पहले से तय EMI चुकानी होती है।
ब्याज दर में कितना अंतर?
क्रेडिट कार्ड EMI और पर्सनल लोन की ब्याज दर अलग-अलग हो सकती है। कई बार क्रेडिट कार्ड EMI सुविधाजनक लगती है, लेकिन इसमें लगने वाले ब्याज और शुल्क को ध्यान से समझना जरूरी होता है।वहीं, पर्सनल लोन में ब्याज दर आमतौर पर आपकी आय, क्रेडिट स्कोर और बैंक की नीतियों के आधार पर तय होती है। अच्छा क्रेडिट स्कोर होने पर कम ब्याज दर मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
क्रेडिट कार्ड EMI के फायदे
क्रेडिट कार्ड EMI का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको अलग से लोन लेने की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता। खरीदारी के समय ही भुगतान को किस्तों में बदला जा सकता है।इसके अलावा कई बार कंपनियां त्योहारों या विशेष अवसरों पर नो-कॉस्ट EMI जैसे ऑफर भी देती हैं। हालांकि ऐसे ऑफर में भी नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी होता है।
क्रेडिट कार्ड EMI के नुकसान
क्रेडिट कार्ड EMI का इस्तेमाल करने से कार्ड की लिमिट लंबे समय तक प्रभावित रह सकती है। अगर आपने बड़ी राशि EMI में बदल दी है तो उपलब्ध क्रेडिट लिमिट कम हो सकती है।इसके अलावा समय पर EMI नहीं चुकाने पर लेट फीस, ब्याज और क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ सकता है। कई लोग छोटी-छोटी खरीदारी को EMI में बदल देते हैं, जिससे धीरे-धीरे कर्ज का बोझ बढ़ सकता है।
पर्सनल लोन के फायदे
पर्सनल लोन में आपको एक तय रकम मिलती है और आप उसे अपनी जरूरत के अनुसार इस्तेमाल कर सकते हैं। इसकी EMI पहले से तय होती है, जिससे बजट बनाना आसान हो जाता है।बड़ी रकम की जरूरत होने पर पर्सनल लोन कई लोगों के लिए सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। इसके अलावा लंबे समय के लिए भुगतान करने का विकल्प भी मिल सकता है।
पर्सनल लोन के नुकसान
पर्सनल लोन लेने पर आपको ब्याज के साथ पूरी राशि वापस करनी होती है। अगर लोन की अवधि ज्यादा रखी जाती है तो कुल ब्याज भुगतान बढ़ सकता है।इसके अलावा लोन लेने से पहले प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट चार्ज और अन्य शर्तों को समझना जरूरी होता है।
किस स्थिति में कौन सा विकल्प बेहतर?
अगर आपको छोटी अवधि के लिए कम राशि की जरूरत है और आप समय पर भुगतान कर सकते हैं तो क्रेडिट कार्ड EMI एक विकल्प हो सकती है।वहीं, अगर आपको बड़ी रकम चाहिए और भुगतान की योजना लंबे समय की है तो पर्सनल लोन पर विचार किया जा सकता है।हालांकि फैसला लेने से पहले अपनी आय, खर्च और मौजूदा कर्ज की स्थिति को जरूर देखना चाहिए।
शॉपिंग से पहले इन बातों का रखें ध्यान
* केवल ऑफर देखकर खरीदारी न करें।
* EMI की कुल लागत जरूर देखें।
* ब्याज दर और अतिरिक्त शुल्क की जानकारी लें।
* अपनी मासिक आय के अनुसार ही किस्त तय करें।
* जरूरत और इच्छा के बीच अंतर समझें।
* समय पर भुगतान करें ताकि क्रेडिट स्कोर खराब न हो।