job बदलते समय न भूलें EPFO का यह दस्तावेज

वरना पेंशन पर असर

Update: 2026-06-27 10:27 GMT

New Delhi नई दिल्ली : नौकरी बदलते समय ज्यादातर कर्मचारी पीएफ ट्रांसफर, फुल एंड फाइनल सेटलमेंट और रिलीविंग लेटर पर ध्यान देते हैं, लेकिन एक महत्वपूर्ण दस्तावेज ऐसा भी है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। यह दस्तावेज है ईपीएफओ का “स्कीम सर्टिफिकेट”, जो भविष्य में रिटायरमेंट पेंशन के लिए बेहद अहम भूमिका निभाता है।

यह स्कीम सर्टिफिकेट कर्मचारी पेंशन स्कीम 1995 के तहत Employees' Provident Fund Organisation द्वारा जारी किया जाता है। इसमें कर्मचारी की पेंशन योग्य सेवा का पूरा रिकॉर्ड दर्ज होता है। साथ ही इसमें नामांकित परिवार के सदस्यों की जानकारी भी शामिल रहती है। इसे सरल भाषा में पेंशन का “रिकॉर्ड कार्ड” भी कहा जा सकता है।

नौकरी छोड़ते समय अधिकतर कर्मचारी पीएफ बैलेंस ट्रांसफर और अन्य औपचारिकताओं में व्यस्त रहते हैं, जिसके कारण इस महत्वपूर्ण दस्तावेज पर ध्यान नहीं दिया जाता। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह दस्तावेज भविष्य की पेंशन सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है।

स्कीम सर्टिफिकेट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यदि कोई कर्मचारी नौकरी बदलता है, तो उसकी पुरानी पेंशन योग्य सेवा सुरक्षित रहती है। जब वह दोबारा किसी ईपीएफ कवर वाली कंपनी में नौकरी करता है, तो पुरानी सेवा को नई सेवा के साथ जोड़ा जा सकता है। इससे रिटायरमेंट के समय पेंशन की गणना में सीधा लाभ मिलता है।

कई लोग मानते हैं कि यह सुविधा केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलती है जिन्होंने 10 साल या उससे अधिक समय तक नौकरी की हो, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। यदि किसी कर्मचारी ने 10 साल से कम सेवा की है, तो वह पेंशन राशि निकालने के बजाय स्कीम सर्टिफिकेट ले सकता है, जिससे उसकी सेवा सुरक्षित रहती है।

वहीं, जिन कर्मचारियों ने 10 साल या उससे अधिक पेंशन योग्य सेवा पूरी कर ली है और 58 वर्ष की आयु से पहले नौकरी छोड़ते हैं, उनके लिए भी यह सर्टिफिकेट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में यह दस्तावेज भविष्य की पेंशन प्रक्रिया को आसान बनाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में लोग अपने करियर में कई बार नौकरी बदलते हैं। कुछ लोग बीच में नौकरी छोड़कर व्यवसाय शुरू कर देते हैं या ऐसे संस्थानों में चले जाते हैं जहां ईपीएफ सुविधा उपलब्ध नहीं होती। ऐसी स्थिति में केवल पीएफ बैलेंस निकालना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि स्कीम सर्टिफिकेट सुरक्षित रखना जरूरी है।

इस सर्टिफिकेट के लिए कर्मचारी फॉर्म 10C के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए Employees' Provident Fund Organisation के सदस्य पोर्टल का उपयोग किया जाता है। आवेदन करते समय यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि व्यक्तिगत और परिवार से जुड़ी सभी जानकारी सही दर्ज हो।

सर्टिफिकेट प्राप्त होने के बाद इसकी हार्ड कॉपी और डिजिटल कॉपी दोनों को सुरक्षित रखना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार इसे केवल दस्तावेजों के साथ रखकर भूल जाना सही नहीं है, क्योंकि यह रिटायरमेंट के समय पेंशन क्लेम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि स्कीम सर्टिफिकेट एक ऐसा दस्तावेज है जिसे नजरअंदाज करना भविष्य में नुकसानदायक हो सकता है। यह न केवल पेंशन सुरक्षा देता है, बल्कि नौकरी बदलने के बाद भी कर्मचारी की सेवा रिकॉर्ड को सुरक्षित बनाए रखता है।

कुल मिलाकर, नौकरी बदलते समय केवल पीएफ ट्रांसफर और अन्य दस्तावेजों पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्कीम सर्टिफिकेट को भी प्राथमिकता देना जरूरी है, ताकि भविष्य में पेंशन से जुड़ी किसी भी समस्या से बचा जा सके।

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