मुंबई : शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच गुरुवार को एक रुपये से कम कीमत वाले GACM टेक्नोलॉजीज के शेयर में तेज खरीदारी देखने को मिली। कंपनी का शेयर पांच प्रतिशत उछलकर 76 पैसे के ऊपरी मूल्य दायरे पर पहुंच गया। शेयर में यह तेजी जून तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित होने और कंपनी द्वारा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट शुरू करने के बाद आई।GACM टेक्नोलॉजीज के शेयर ने पिछले एक महीने में करीब 56 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है। कंपनी का शेयर 24 सितंबर 2025 को 94 पैसे के 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था। इसके बाद इसमें गिरावट आई और 30 मार्च 2026 को यह 40 पैसे के 52 सप्ताह के निचले स्तर तक आ गया था।हालिया तेजी के बावजूद यह बेहद कम कीमत वाला पेनी स्टॉक है। ऐसे शेयरों में कीमतों का उतार-चढ़ाव, कम तरलता और कारोबार से जुड़े जोखिम अपेक्षाकृत अधिक हो सकते हैं।
जून तिमाही में घटा मुनाफा और राजस्व
जून 2026 तिमाही में GACM टेक्नोलॉजीज ने स्टैंडअलोन आधार पर 1.51 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। इससे पिछली मार्च तिमाही में कंपनी का मुनाफा 1.57 करोड़ रुपये था। पिछले वित्त वर्ष की समान जून तिमाही में कंपनी को 3.03 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।इस तरह कंपनी का शुद्ध लाभ तिमाही और सालाना दोनों आधार पर घटा है। जून तिमाही में परिचालन से प्राप्त राजस्व 4.10 करोड़ रुपये रहा। यह मार्च तिमाही के 4.85 करोड़ रुपये और पिछले वर्ष की समान तिमाही के 5.87 करोड़ रुपये से कम है।कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उसने प्रभावी रूप से शून्य कर्ज की स्थिति हासिल की। कर्ज कम होने से ब्याज खर्च और वित्तीय दबाव में कमी आ सकती है। हालांकि, भविष्य का प्रदर्शन कंपनी की आमदनी, नए समझौतों के क्रियान्वयन और पूंजी के उपयोग पर निर्भर करेगा।
Tesync टेक्नोलॉजी के साथ ₹15 करोड़ का समझौता
GACM टेक्नोलॉजीज ने Tesync टेक्नोलॉजी के साथ 15 करोड़ रुपये के समझौते की जानकारी दी है। इसके तहत दोनों कंपनियां सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी आधारित सेवाओं का संयुक्त विकास एवं समर्थन करेंगी।समझौते में SMS, वॉयस और डेटा एप्लिकेशन के साथ गेटवे सेवाएं भी शामिल हैं। यह अनुबंध 30 सितंबर 2027 तक प्रभावी रहेगा। कंपनी का कहना है कि इससे उसे एक बार के ऑर्डर के स्थान पर लंबी अवधि का टेक्नोलॉजी एंगेजमेंट मिलेगा।निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि यह समझौता कब और कितनी आय में परिवर्तित होता है। अनुबंध की घोषित राशि को तत्काल लाभ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए क्योंकि इससे जुड़ा राजस्व कार्य पूरा होने और समझौते की शर्तों पर निर्भर करेगा।
₹49.50 करोड़ का QIP शुरू
कंपनी की फंड जुटाने वाली समिति ने 13 अगस्त को क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट खोलने की मंजूरी दी। इसके तहत एक रुपये अंकित मूल्य वाले शेयर जारी करके कुल 49.50 करोड़ रुपये तक जुटाए जाएंगे।कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, सेबी के निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर QIP का नियामकीय न्यूनतम मूल्य 67 पैसे प्रति शेयर था। इसके बावजूद कंपनी ने निर्गम मूल्य एक रुपया प्रति शेयर तय किया है। यह निर्धारित न्यूनतम मूल्य से करीब 49 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने इसे अपने वास्तविक मूल्य और भविष्य की विकास संभावनाओं में समिति के भरोसे का संकेत बताया है। [NSE पर कंपनी की फाइलिंगQIP के माध्यम से शेयर केवल पात्र संस्थागत खरीदारों को आवंटित किए जाएंगे। इसके पूरा होने के बाद कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी में आनुपातिक कमी आ सकती है। जुटाई गई राशि का प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य और कितनी प्रभावी तरीके से करती है।GACM टेक्नोलॉजीज ने इससे पहले भी व्यापक पूंजी जुटाने की रूपरेखा के लिए स्वीकृति मिलने की जानकारी दी थी। मौजूदा 49.50 करोड़ रुपये का QIP उसी दिशा में उठाया गया एक कदम है। निवेशकों को केवल शेयर की कम कीमत या अपर सर्किट के आधार पर निर्णय लेने के बजाय कंपनी की वित्तीय स्थिति, आय, प्रमोटर हिस्सेदारी और जोखिमों का अध्ययन करना चाहिए।