बिजनेस । सोने की कीमतों में गिरावट के बीच सोमवार, 7 सितंबर को चांदी के खरीदारों को झटका लगा है। सप्ताह के पहले दिन देश के कई शहरों में चांदी के रिटेल भाव में तेजी देखने को मिली। दिल्ली के साथ उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऐसे में अगर आप चांदी के सिक्के, बर्तन या ज्वेलरी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार जाने से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जान लें।
चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार की गतिविधियों, डॉलर-रुपये की चाल और औद्योगिक मांग का असर भी चांदी की कीमतों पर पड़ता है।
दिल्ली में चांदी हुई महंगी
दिल्ली में सोमवार को चांदी के भाव में बढ़ोतरी दर्ज की गई। एक लाइव रेट ट्रैकर के मुताबिक दिल्ली में चांदी करीब **₹2,38,366 प्रति किलोग्राम** दर्ज की गई। पिछले दिन यह करीब ₹2,32,639 प्रति किलो थी। इस आधार पर भाव में करीब ₹5,727 प्रति किलो की बढ़ोतरी दिखाई देती है।
हालांकि अलग-अलग रिटेल रेट प्लेटफॉर्म पर कीमतों में अंतर है। कुछ प्लेटफॉर्म सोमवार को दिल्ली में एक किलो चांदी का भाव करीब **₹2.50 लाख** भी बता रहे हैं। इसलिए वास्तविक खरीदारी के समय स्थानीय सर्राफा बाजार का रेट जांचना जरूरी है।
लखनऊ में क्या रहा भाव?
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी चांदी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। अलग-अलग रिटेल रेट प्लेटफॉर्म के अनुसार भाव करीब ₹2.24 लाख से ₹2.50 लाख प्रति किलो के दायरे में दिखाई दे रहे हैं।
लखनऊ के अलावा कानपुर, मेरठ, अयोध्या, वाराणसी, आगरा, गोरखपुर, बरेली, नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में भी रिटेल चांदी के भाव ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।
ग्राहकों को ध्यान रखना चाहिए कि ऑनलाइन दिखाई देने वाले भाव संकेतक होते हैं। स्थानीय बाजार में ज्वेलर, शुद्धता और उत्पाद के हिसाब से वास्तविक कीमत अलग हो सकती है।
पटना में भी चांदी के भाव पर नजर
बिहार की राजधानी पटना में भी चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सोमवार को यहां एक किलो चांदी का भाव करीब ₹2.24 लाख से ₹2.50 लाख तक दिखा रहे हैं।
यानी दिल्ली, लखनऊ और पटना जैसे शहरों में अलग-अलग स्रोतों के भाव में बड़ा अंतर भी देखने को मिल रहा है। इसकी वजह डेटा अपडेट का समय, रिटेल मार्केट का अंतर और कीमत तय करने का अलग तरीका हो सकता है।
क्यों बदलती रहती है चांदी की कीमत?
चांदी सिर्फ ज्वेलरी या सिक्के बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली धातु नहीं है। इसका बड़े पैमाने पर औद्योगिक इस्तेमाल भी होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और दूसरे तकनीकी क्षेत्रों में चांदी की मांग कीमतों को प्रभावित करती है।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का भाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत, आयात लागत और निवेशकों की खरीद-बिक्री भी घरेलू कीमतों पर असर डालती है।
वैश्विक बाजार में सोमवार को कीमती धातुओं में मिलाजुला रुख देखने को मिला। मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद ब्याज दरों को लेकर बदली उम्मीदों ने सोने और चांदी जैसी धातुओं पर दबाव भी बनाया।
खरीदने से पहले स्थानीय भाव जरूर जांचें
अगर आप चांदी खरीदने जा रहे हैं तो सिर्फ ऑनलाइन रेट देखकर खरीदारी का फैसला नहीं करना चाहिए। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के भाव में अंतर हो सकता है। इसके अलावा ज्वेलरी या दूसरे तैयार उत्पाद खरीदने पर मेकिंग चार्ज और टैक्स जैसी अतिरिक्त लागत भी जुड़ सकती है।
चांदी खरीदते समय शुद्धता की जांच करना भी जरूरी है। निवेश के लिए बड़ी मात्रा में चांदी खरीदने वाले लोगों को बाजार के उतार-चढ़ाव पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
फिलहाल सितंबर की शुरुआत से ही चांदी की कीमतों में तेज बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार, अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और औद्योगिक मांग चांदी की अगली चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।