इस हफ्ते gold and silver दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज
निवेशकों को बड़ा झटका लगा है।
Business बिजनेस : बीते कुछ दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों और बाजार पर नजर रखने वालों में हलचल बढ़ गई है। पिछले 5 दिनों के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने के दाम में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान सोने का रेट 150169 रुपये से घटकर 144941 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।
वहीं चांदी की कीमतों में भी इस सप्ताह बड़ी गिरावट देखने को मिली है। पहले जहां चांदी का भाव 2.51 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब था, वहीं अब यह घटकर 230982 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। इस तरह चांदी के दाम में भी निवेशकों को बड़ा झटका लगा है।
जानकारी के अनुसार, इस हफ्ते सोने की कीमतों में कुल 5228 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं चांदी के रेट में भी लगभग 20029 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट देखी गई है। लगातार हो रही इस गिरावट ने घरेलू सर्राफा बाजार में अस्थिरता का माहौल बना दिया है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलाव, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की रणनीति में बदलाव के कारण सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है। जब भी वैश्विक बाजार में आर्थिक अनिश्चितता कम होती है, तो सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग थोड़ी कम हो जाती है, जिससे कीमतों में गिरावट आती है।
इसके अलावा ब्याज दरों में संभावित बदलाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी धातुओं की कीमतों को प्रभावित करते हैं। चांदी की कीमतें भी औद्योगिक मांग से काफी प्रभावित होती हैं, इसलिए इसमें ज्यादा तेजी से उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
भारतीय बाजार में भी शादी और त्योहारों का सीजन खत्म होने के बाद मांग में थोड़ी कमी देखी जाती है, जिसका असर भी कीमतों पर पड़ता है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है और आने वाले समय में बाजार में फिर से सुधार देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए यह समय सावधानी बरतने का बताया जा रहा है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय बाजार के रुझानों को समझकर ही निवेश किया जाए।
कुल मिलाकर, पिछले 5 दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में आई यह तेज गिरावट बाजार के लिए एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है, जो आने वाले दिनों में निवेश की रणनीति को भी प्रभावित कर सकती है।