Business.व्यवसाय: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत ठीक वैसे ही की है, जैसा उन्होंने वादा किया था। चाहे वह कृषि का विकास और किसानों का कल्याण हो या फिर हाईवे, मेट्रो, बंदरगाह, एयरपोर्ट, पर्यावरण, गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए घर, मोदी सरकार रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने वाले लगभग हर क्षेत्र में अहम फैसले लेने में देरी नहीं कर रही है।ये है पहले 86 दिनों का लेखा-जोखा2 सितंबर को किसानों के लिए करीब 14,000 करोड़ रुपये की 7 योजनाओं की घोषणा की गई। 9 जून को शपथ लेने के बाद से 86 दिनों के भीतर मोदी सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। विकास पर जोर देते हुए सरकार ने पहले 100 दिनों में कर्मचारियों के लिए नई एकीकृत पेंशन योजना शुरू की और विपक्ष खासकर कांग्रेस से एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा छीन लिया। इस पेंशन योजना से 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा होगा। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले सौ दिनों की एक और खासियत एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू न करने का फैसला रहा। मोदी का लक्ष्य क्या है? आम चुनाव से पहले प्रधानमंत्री ने कहा था कि नतीजों के बाद अफसरों के पास फुर्सत नहीं होगी। पहले 100 दिनों में ही सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ नई अर्थव्यवस्था से जुड़े अहम फैसले लिए हैं। पिछले एक सप्ताह में तीसरी बार कैबिनेट की बैठक और मंत्रिपरिषद के साथ चर्चा से काम की तेज गति का पता चलता है। हाल ही में की गई घोषणा में गुजरात में एक और सेमीकंडक्टर इकाई की स्थापना की जानकारी मिली है।
अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि काम की गति तेज बनी हुई है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की मंजूरी से साबित होती है। सरकार बनने के बाद करीब तीन महीने में 15 कैबिनेट बैठकें हो चुकी हैं। सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरों और गांवों में तीन करोड़ नए घर बनाने की घोषणा करके की। इसके तहत अगले पांच साल में गांवों में दो करोड़ और शहरों में एक करोड़ घर बनाए जाने हैं, जिन पर कुल 2.30 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।सरकार का फोकस किसानों पर है किसानों के लिए सभी फसलों का एमएसपी 100 रुपये से बढ़ाकर 550 रुपये कर दिया गया है। हाईवे और एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ ही सरकार ने पहले 100 दिनों में 50,000 करोड़ रुपये से अधिक के आठ कॉरिडोर को मंजूरी दी है, जिसमें अयोध्या में बाईपास और कानपुर में रिंग रोड शामिल है। इसके अलावा पहले 100 दिनों में ही वाराणसी एयरपोर्ट के विकास पर 2869 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई है। कई महत्वपूर्ण मेट्रो परियोजनाओं को भी सरकार की मंजूरी मिली है, जिसमें बेंगलुरु में दो नए कॉरिडोर, ठाणे में इंटीग्रल मेट्रो रेल और पुणे में मेट्रो परियोजना का विस्तार शामिल है। इन परियोजनाओं पर 30,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे।