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पुणे में सरेआम थप्पड़ कांड कैमरे में कैद हुई पूरी घटना
पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में ध्वनि प्रदूषण और डीजे के इस्तेमाल का विरोध करने वाले विद्यानंद बापट पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना उस समय हुई जब वह मीडिया से बातचीत कर रहे थे। पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, बापट गणेशोत्सव के दौरान डीजे और तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ अपनी राय रख रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उनके पास आकर कथित तौर पर बहस शुरू की और फिर उनके साथ मारपीट की।
मीडिया से बातचीत के दौरान हुआ हमला
बताया जा रहा है कि पुणे के टिळक रोड इलाके में बापट मीडिया से बातचीत कर रहे थे। तभी एक शख्स वहां पहुंचा और उनकी बात पर आपत्ति जताते हुए उनसे बहस करने लगा।
पुण्यात विद्यानंद बापट यांना मारहाण !! तुम्ही जर व्यवस्थेच्या विरोधात आवाज उठवणारे असाल तर तुमचे असेच हाल होणार. काल रात्रीच संतोष पंडित याचे उत्तम उदाहरण आहे. बाकी पुण्याच्या कायदा सुव्यवस्थेबद्दल काही बोलायलाच नको. असो, निष्क्रिय गृहमंत्र्यांनी थोडं आपल्या कामात लक्ष द्यावं. pic.twitter.com/AEcOsrHxUD
— Ganesha | गणेशा (@GaneshaSpeaks_) September 3, 2026
इसके बाद अचानक उसने बापट को थप्पड़ मार दिया और उनके साथ हाथापाई की। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
डीजे और लाउडस्पीकर विवाद के बीच हमला
विद्यानंद बापट पिछले कुछ समय से गणेशोत्सव में डीजे और तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर अपनी राय जाहिर कर रहे थे। उनका कहना है कि उनका विरोध किसी धार्मिक उत्सव से नहीं बल्कि ध्वनि प्रदूषण से है।
उन्होंने सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि सीमा और नियमों के पालन की मांग की थी। इसी मुद्दे को लेकर वह चर्चा में आए थे।
बापट ने दी प्रतिक्रिया
हमले के बाद विद्यानंद बापट ने कहा कि उन्हें मुद्दों का जवाब बहस और बातचीत से दिया जाना चाहिए, हिंसा से नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावर को सिर्फ सुर्खियां बटोरनी थीं।
उन्होंने पुलिस से मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर जांच कर रही है।
घटना पर उठे सवाल
मीडिया के सामने किसी व्यक्ति पर हमला होने की घटना के बाद पुणे में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी विचार से असहमति होने पर हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया जाना चाहिए।
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