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सिग्नल नहीं आया तो टावर कर्मचारी पर उतरा ग्रामीणों का गुस्सा
फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कथित तौर पर करीब दो साल से मोबाइल नेटवर्क की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा, जब मोबाइल टावर से जुड़ा एक कर्मचारी गांव पहुंचा। ग्रामीणों ने कर्मचारी को पकड़कर बंधक बना लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
वायरल वीडियो में एक व्यक्ति को मोबाइल टावर से बांधे हुए देखा जा सकता है और आसपास कई ग्रामीण मौजूद दिखाई देते हैं। बताया जा रहा है कि ग्रामीण लंबे समय से मोबाइल नेटवर्क ठीक कराने की मांग कर रहे थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने से उनमें नाराजगी थी।
दो साल से नेटवर्क नहीं मिलने का दावा
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लगा मोबाइल टावर करीब दो साल से ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा था। इसके कारण फोन कॉल करने के साथ इंटरनेट इस्तेमाल करने में भी परेशानी हो रही थी। नेटवर्क पाने के लिए कई बार लोगों को गांव से दूर या ऊंचे स्थानों पर जाना पड़ता था।
Fatehpur villagers tie Jio employee to tower over poor 5G network💀😭 pic.twitter.com/dokrPZQaii
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) September 11, 2026
आज के समय में मोबाइल नेटवर्क केवल फोन पर बातचीत तक सीमित नहीं है। ऑनलाइन पढ़ाई, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, सरकारी सेवाओं और आपातकालीन संपर्क के लिए भी इंटरनेट कनेक्टिविटी जरूरी हो चुकी है। ऐसे में लंबे समय से चली आ रही नेटवर्क समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई।
कर्मचारी पहुंचा तो फूट पड़ा गुस्सा
रिपोर्ट्स के मुताबिक मोबाइल टावर से संबंधित काम के लिए कर्मचारी गांव पहुंचा था। इसी दौरान ग्रामीण उसके पास जमा हो गए और नेटवर्क की समस्या का समाधान करने की मांग करने लगे।
बातचीत के दौरान मामला इतना बढ़ गया कि कुछ ग्रामीणों ने कर्मचारी को कथित तौर पर पकड़ लिया और टावर से बांध दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि जब तक नेटवर्क की समस्या का समाधान नहीं किया जाता, तब तक कर्मचारी को जाने नहीं दिया जाएगा।
सोशल मीडिया पर VIDEO वायरल
घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
कुछ यूजर्स ने ग्रामीण इलाकों में खराब मोबाइल कनेक्टिविटी को गंभीर समस्या बताया, जबकि कई लोगों ने कर्मचारी को बंधक बनाने के तरीके को गलत ठहराया। लोगों का कहना है कि नेटवर्क की समस्या को कंपनी, दूरसंचार विभाग या संबंधित अधिकारियों के सामने शिकायत के जरिए उठाया जाना चाहिए।
नेटवर्क नहीं होने से कई काम प्रभावित
ग्रामीण क्षेत्रों में खराब मोबाइल नेटवर्क का सीधा असर रोजमर्रा के कई कामों पर पड़ता है। बैंक खातों में OTP आने से लेकर UPI पेमेंट, ऑनलाइन फॉर्म भरने और सरकारी योजनाओं की जानकारी हासिल करने तक कई सेवाएं इंटरनेट पर निर्भर हो गई हैं।
विद्यार्थियों के लिए भी इंटरनेट महत्वपूर्ण है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, ऑनलाइन आवेदन और शैक्षणिक सामग्री तक पहुंचने में खराब नेटवर्क बड़ी बाधा बन सकता है।
कर्मचारी को बंधक बनाना कानूनी रास्ता नहीं
ग्रामीणों की नेटवर्क संबंधी शिकायत अपनी जगह है, लेकिन किसी कर्मचारी को जबरन रोकना या बांधना कानूनी परेशानी पैदा कर सकता है। समस्या के समाधान के लिए संबंधित टेलीकॉम कंपनी और प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराना उचित प्रक्रिया है।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर घटना को लेकर चर्चा तेज है। कर्मचारी को कितनी देर तक रोका गया और प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की गई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी की जरूरत को सामने ला दिया है। साथ ही यह सवाल भी खड़ा किया है कि लंबे समय तक शिकायत का समाधान न होने पर लोगों और सेवा प्रदाताओं के बीच संवाद को कैसे बेहतर बनाया जाए।
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