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मेहंदी लगाने वाली मशीन
नई दिल्ली: उद्योगपति हर्ष गोयनका की ओर से सोशल मीडिया पर शेयर किए गए मेहंदी लगाने वाली एक ऑटोमेटेड मशीन के वीडियो ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में एक मशीन को हाथ पर मेहंदी का डिजाइन बनाते हुए दिखाया गया है। इसे शेयर करते हुए गोयनका ने रोजगार पर ऑटोमेशन के संभावित असर की ओर इशारा करते हुए लिखा, “कुछ और नौकरियां गईं।” उनकी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया यूजर्स के बीच तकनीक, रोजगार और पारंपरिक हुनर के भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
वीडियो में दिखाई देने वाली तकनीक ने इसलिए भी लोगों का ध्यान खींचा क्योंकि मेहंदी लगाना अब तक मुख्य रूप से हाथ से किया जाने वाला हुनर रहा है। शादी, त्योहार और दूसरे आयोजनों में प्रोफेशनल मेहंदी कलाकारों की काफी मांग रहती है।
मशीन लगा रही मेहंदी
वायरल वीडियो में मशीन की मदद से हाथ पर डिजाइन तैयार होते हुए दिखाई देता है। ऐसी तकनीक यदि व्यावसायिक स्तर पर सफल होती है तो ग्राहक पहले से उपलब्ध डिजाइन चुनकर कम समय में मेहंदी लगवा सकते हैं।
A robotic arm drawing mehndi designs has sparked debate over automation and the future of traditional work. Industrialist Harsh Goenka shared a video of the machine with the caption “Some more jobs gone”, prompting reactions ranging from amazement to scepticism over the… pic.twitter.com/Rs1CF8Mzgy
— Salar News (@EnglishSalar) September 10, 2026
हालांकि वीडियो से मशीन की व्यावसायिक उपलब्धता, लागत, डिजाइन की गुणवत्ता और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल जैसी सभी जानकारियां स्पष्ट नहीं होतीं। इसलिए इसे तुरंत मेहंदी कलाकारों के रोजगार का विकल्प मान लेना जल्दबाजी होगी।
हर्ष गोयनका की टिप्पणी ने खींचा ध्यान
हर्ष गोयनका सोशल मीडिया पर तकनीक, कारोबार और दिलचस्प इनोवेशन से जुड़े वीडियो अक्सर साझा करते हैं। इस बार उनकी “कुछ और नौकरियां गईं” वाली टिप्पणी ने ऑटोमेशन के रोजगार पर प्रभाव की पुरानी बहस को फिर सामने ला दिया।
कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का मानना है कि ऐसी मशीनें आने से पारंपरिक काम करने वाले लोगों की मांग कम हो सकती है। वहीं दूसरे लोगों का तर्क है कि मशीन किसी अनुभवी कलाकार की रचनात्मकता और ग्राहक की पसंद के अनुसार तुरंत डिजाइन बदलने की क्षमता को पूरी तरह प्रतिस्थापित नहीं कर सकती।
क्या खत्म हो जाएंगी मेहंदी कलाकारों की नौकरियां?
तकनीक आने का अर्थ हमेशा किसी पेशे का पूरी तरह खत्म होना नहीं होता। कई उद्योगों में ऑटोमेशन ने कुछ पुराने काम कम किए हैं, लेकिन मशीनों को डिजाइन, चलाने, बनाए रखने और नई सेवाएं विकसित करने के लिए नए प्रकार के रोजगार भी पैदा हुए हैं।
मेहंदी के मामले में भी मशीन सामान्य या पहले से निर्धारित डिजाइन तेजी से तैयार कर सकती है, जबकि शादी जैसे खास अवसरों पर कस्टमाइज्ड और जटिल डिजाइन के लिए कुशल कलाकारों की मांग बनी रह सकती है।
AI और ऑटोमेशन से बढ़ रही चिंता
यह बहस केवल मेहंदी तक सीमित नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल के कारण दुनिया भर में रोजगार के बदलते स्वरूप पर चर्चा हो रही है।
ऑटोमेशन के दौर में कर्मचारियों के लिए नए कौशल सीखना महत्वपूर्ण होता जा रहा है। तकनीक को केवल प्रतिस्पर्धी मानने के बजाय उसका इस्तेमाल अपनी उत्पादकता बढ़ाने में करना भी भविष्य के रोजगार बाजार में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
हर्ष गोयनका द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो ने फिलहाल यही सवाल फिर खड़ा कर दिया है—मशीनें इंसानों का काम छीनेंगी या इंसानों के काम करने का तरीका बदल देंगी? इसका जवाब आने वाले वर्षों में तकनीक के वास्तविक इस्तेमाल और उससे पैदा होने वाले नए अवसरों से स्पष्ट होगा।
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