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बेटी के प्रदर्शन में शामिल होने पर केशव महंता के समर्थन में आए हिमंत बिस्व सरमा, दिया बड़ा बयान

nidhi
26 July 2026 2:18 PM IST
बेटी के प्रदर्शन में शामिल होने पर केशव महंता के समर्थन में आए हिमंत बिस्व सरमा, दिया बड़ा बयान
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NEET विरोध में बेटी की भागीदारी पर असम CM ने मंत्री केशव महंता का किया बचाव
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लोगों से अपील की है कि वे राज्य के मंत्री केशव महंता को निशाना न बनाएं या ट्रोल न करें। यह अपील तब की गई जब मंत्री की बेटी, दिबिसा महंता, NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ़ एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होती दिखीं।
सोशल मीडिया पर दिबिसा के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ़ नारे लगाने और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करने वाले वीडियो वायरल हो गए, जिससे राजनीतिक बहस छिड़ गई।
हिमंत बिस्वा सरमा ने लोगों से माता-पिता को दोष न देने की अपील की
शनिवार को इस विवाद पर बात करते हुए सरमा ने कहा कि अपने बालिग़ बच्चों की राजनीतिक सोच या कामों के लिए माता-पिता को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि उनकी बेटी के विरोध प्रदर्शन के लिए हमें केशव महंता पर हमला करना चाहिए या उन्हें ट्रोल करना चाहिए। हो सकता है कि वह अपने पिता की राजनीतिक विचारधारा को न मानती हों। कल, जब मेरा बेटा वकालत करेगा, तो हो सकता है कि वह किसी ऐसे व्यक्ति का बचाव करे जिसे मैं पसंद न करता होऊं।"
उन्होंने आगे कहा कि जब बच्चे बालिग़ हो जाते हैं, तो वे स्वतंत्र फ़ैसले लेने में सक्षम होते हैं और उन फ़ैसलों को उनके माता-पिता से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
विरोध प्रदर्शन के नारों से मुख्यमंत्री असहमत
ऑनलाइन आलोचना से केशव महंता का बचाव करते हुए सरमा ने साफ़ किया कि वह विरोध प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारों का समर्थन नहीं करते हैं।
उन्होंने कहा, "मैं उनके द्वारा लगाए गए नारों से सहमत नहीं हूं। जब मैं उनसे अगली बार मिलूंगा, तो निश्चित रूप से इस बारे में बात करूंगा और उन्हें समझाने की कोशिश करूंगा कि उन्होंने जो कहा, वह सही नहीं था।"
राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंता ने इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है।
गुवाहाटी में प्रदर्शन के दौरान बेटी के विरोध ने खींचा ध्यान
यह विवाद तब शुरू हुआ जब दिबिसा महंता ने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और NEET पेपर लीक को लेकर गुवाहाटी में आयोजित एक प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस विरोध प्रदर्शन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की भी मांग की गई।
रैली में उनकी मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा क्योंकि उनके पिता असम गण परिषद (AGP) के वरिष्ठ नेता हैं, जो असम में BJP के नेतृत्व वाली सरकार की एक प्रमुख सहयोगी पार्टी है। विरोध प्रदर्शन के वीडियो तेज़ी से सोशल मीडिया पर फैल गए, जिस पर यूज़र्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद CJP ने 36 दिन का आंदोलन खत्म किया
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने घोषणा की कि उसने अपना 36 दिन का विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया है। यह फ़ैसला धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से हटने और केंद्र सरकार द्वारा पार्टी की बाकी मांगें मान लेने के बाद लिया गया।
यह फ़ैसला नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में CJP के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रंका तथा केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के बीच हुई बातचीत के तीसरे दौर के बाद लिया गया।
युवाओं के नेतृत्व वाले इस आंदोलन ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, खासकर NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश भर का ध्यान खींचा था और इसमें कई राज्यों के छात्रों ने हिस्सा लिया था।
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