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यूक्रेन पर मिसाइल हमलों से भड़के जेलेंस्की, रूस की रणनीति पर उठाए सवाल

Ratna Netam
25 Oct 2026 5:04 PM IST
यूक्रेन पर मिसाइल हमलों से भड़के जेलेंस्की, रूस की रणनीति पर उठाए सवाल
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कीव। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के ताजा मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस शांति स्थापित करने, कूटनीतिक समाधान तलाशने और अंतरराष्ट्रीय अलगाव को खत्म करने की कोशिशों का जवाब हमले तेज करके दे रहा है। जेलेंस्की का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मॉस्को और कीव के बीच अमेरिका की मध्यस्थता से बातचीत दोबारा शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है।रिपोर्टों के मुताबिक, रूस ने 21 अक्टूबर की रात यूक्रेन के कई क्षेत्रों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में राजधानी कीव सहित लगभग 12 क्षेत्र प्रभावित हुए। जेलेंस्की ने कहा कि रूस के हमले यह दिखाते हैं कि युद्ध को समाप्त करने के लिए की जा रही कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद उसकी सैन्य कार्रवाई में कोई बदलाव नहीं आया है।
बातचीत की संभावना के बीच तेज हुए हमले
रूस की ओर से ताजा हमले ऐसे समय किए गए हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत के बाद शांति वार्ता दोबारा शुरू करने की संभावना सामने आई थी। क्रेमलिन ने यूक्रेन और अमेरिका के साथ त्रिपक्षीय बातचीत फिर शुरू करने की इच्छा जताई है। हालांकि, दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने की शर्तों को लेकर मतभेद बने हुए हैं।जेलेंस्की ने ताजा हमलों को रूस की मौजूदा रणनीति का संकेत बताते हुए कहा कि केवल बातचीत की इच्छा जताने से शांति स्थापित नहीं होगी। उनके मुताबिक, रूस की सैन्य कार्रवाई और उसके कूटनीतिक बयानों के बीच अंतर दिखाई देता है। यूक्रेन लगातार अपने सहयोगी देशों से रूस पर दबाव बढ़ाने की अपील कर रहा है, ताकि मॉस्को युद्ध रोकने के लिए गंभीर कदम उठाए।
कीव समेत कई इलाकों में भारी नुकसान
एसोसिएटेड प्रेस की 22 अक्टूबर के बाद प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने यूक्रेन पर एक और बड़े हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। कीव में 21 बैलिस्टिक मिसाइलें गिरने की सूचना दी गई। हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हुई और कई दर्जन लोग घायल हुए, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। आवासीय इमारतों, ऊर्जा सुविधाओं, परिवहन ढांचे और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा।यूक्रेन के लिए सर्दियों से पहले ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा भी एक बड़ी चिंता बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, 11 अक्टूबर से रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाकर 170 हमले किए हैं। बिजली, पानी और हीटिंग व्यवस्था पर पड़ने वाले असर से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जेलेंस्की ने की एयर डिफेंस और प्रतिबंध बढ़ाने की मांग
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों से हवाई रक्षा प्रणालियों के लिए अतिरिक्त सहायता देने की अपील की है। उनका जोर विशेष रूप से पैट्रियट एयर डिफेंस प्रणाली के लिए जरूरी मिसाइलों की आपूर्ति बढ़ाने पर है। यूक्रेन का कहना है कि लगातार होने वाले मिसाइल हमलों से नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा करने के लिए मजबूत हवाई सुरक्षा बेहद जरूरी है।जेलेंस्की ने रूस पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव बढ़ाने की मांग भी दोहराई है। यूक्रेन का मानना है कि रूस की युद्ध जारी रखने की क्षमता सीमित किए बिना संघर्ष समाप्त करना मुश्किल होगा। दूसरी ओर, मॉस्को की ओर से यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी है और दोनों पक्षों के बीच युद्ध समाप्त करने की शर्तों पर सहमति नहीं बन पाई है।
शांति वार्ता के सामने अब भी बड़ी चुनौतियां
रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने की संभावना के बावजूद स्थायी शांति का रास्ता कठिन दिखाई दे रहा है। क्षेत्रीय नियंत्रण, सुरक्षा गारंटी और युद्धविराम की शर्तों पर दोनों देशों के विचार अलग-अलग हैं। अमेरिका की मध्यस्थता से बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ताजा हमलों ने कूटनीतिक प्रयासों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।जेलेंस्की के बयान का मुख्य संदेश यही है कि शांति की कोशिशों के साथ जमीन पर सैन्य कार्रवाई भी रोकी जानी चाहिए। यूक्रेन चाहता है कि उसके सहयोगी देश केवल बातचीत का समर्थन करने तक सीमित न रहें, बल्कि हवाई सुरक्षा और प्रतिबंधों के माध्यम से रूस पर दबाव भी बढ़ाएं।फिलहाल, रूस के ताजा हमलों और जेलेंस्की की प्रतिक्रिया के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि क्या प्रस्तावित बातचीत से युद्धविराम की दिशा में कोई ठोस प्रगति होगी या दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष जारी रहेगा।
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