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नेपाल त्रासदी में यूपी के लोगों का सहारा बनी योगी सरकार

Ratna Netam
27 Aug 2026 8:05 PM IST
नेपाल त्रासदी में यूपी के लोगों का सहारा बनी योगी सरकार
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नेपाल : आई विनाशकारी बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद वहां फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने मोर्चा संभाल लिया है। राज्य सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस की आपदा राहत इकाई एसडीआरएफ और पीएसी की टीमों को नेपाल भेजने का फैसला लिया है। इन टीमों का उद्देश्य फंसे हुए भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालना और जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाना है।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़कें टूट गई हैं, संचार व्यवस्था बाधित हुई है और कई स्थानों पर लोगों का संपर्क अपने परिवारों से टूट गया है। इस आपदा में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश के लोग भी शामिल हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नेपाल में फंसे यूपी के नागरिकों की पहचान कर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है।
राहत अभियान के लिए भेजी गई टीमें
योगी सरकार ने एसडीआरएफ और पीएसी की प्रशिक्षित टीमों को नेपाल भेजने की तैयारी की है। ये टीमें आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करेंगी। टीमों के पास जरूरी उपकरण, बचाव सामग्री और मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि वहां से बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। राहत दल स्थानीय प्रशासन और भारतीय एजेंसियों के साथ तालमेल बनाकर काम करेंगे।
हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम सक्रिय
उत्तर प्रदेश सरकार ने नेपाल में फंसे लोगों और उनके परिवारों की मदद के लिए हेल्पलाइन व्यवस्था भी सक्रिय की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर उनका कोई परिजन नेपाल में फंसा हुआ है तो वह संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें।
सरकार का उद्देश्य है कि हर प्रभावित व्यक्ति तक मदद पहुंचाई जाए और किसी भी परिवार को अपने लोगों की जानकारी के लिए परेशान न होना पड़े।
नेपाल में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण
नेपाल के कई हिस्सों में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ ने बड़ी तबाही मचाई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण कई रास्ते बंद हो गए हैं। कई जगहों पर पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे राहत पहुंचाने में मुश्किलें आ रही हैं।
बाढ़ के तेज बहाव में कई लोगों के बह जाने की खबरें भी सामने आई हैं। नदी के रास्ते पानी और मलबा भारत के सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच रहा है। ऐसे में दोनों देशों की एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
भारत और नेपाल के बीच राहत समन्वय
भारत और नेपाल के बीच आपदा के समय सहयोग का पुराना संबंध रहा है। भारत पहले भी नेपाल में आई प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव अभियान चला चुका है।
मौजूदा संकट में भी भारत सरकार और राज्य सरकारें मिलकर प्रभावित लोगों की सहायता में जुटी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार नेपाल प्रशासन और केंद्र सरकार की एजेंसियों के संपर्क में है।
परिवारों की चिंता कम करने की कोशिश
नेपाल में फंसे लोगों के परिवार लगातार उनकी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि संपर्क टूटने के कारण उनकी चिंता बढ़ गई थी। ऐसे में सरकार की सक्रियता से उन्हें राहत मिली है।
अधिकारियों ने कहा है कि प्राथमिकता लोगों की सुरक्षित वापसी है। इसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर भी काम किया जाएगा।
सीमावर्ती जिलों में बढ़ाई गई निगरानी
नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों में भी प्रशासन को अलर्ट किया गया है। महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच समेत कई सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां की गई हैं।
योगी सरकार का दावा
राज्य सरकार का कहना है कि संकट की इस घड़ी में किसी भी नागरिक को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से लगातार स्थिति की रिपोर्ट लेने और जरूरत के अनुसार कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का कहना है कि राहत अभियान में तेजी लाने के लिए सभी जरूरी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
नेपाल में आई इस भीषण आपदा के बीच उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वहां फंसे नागरिकों को सुरक्षित वापस लाना है। एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें राहत अभियान में जुटेंगी और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए रखेगा।
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