
x
BIJING बीजिंग: 2 सितंबर को सुबह चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पेइचिंग के जन वृहद भवन में एससीओ शिखर सम्मेलन, चीनी जनता के जापानी अतिक्रमण विरोधी युद्ध और विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध विजय की 80वीं वर्षगांठ मनाने के समारोह में भाग लेने के लिए चीन आए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत की। शी चिनफिंग ने कहा कि चीन-रूस संबंध अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में हुए परिवर्तनों की परीक्षा में खरे उतर चुके हैं, इस संबंध ने प्रमुख शक्ति संबंधों के लिए एक उदाहरण स्थापित किया है, जिसमें स्थायी अच्छे पड़ोसी और मैत्री, सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी और आपसी लाभ वाले सहयोग और समान जीत परिणाम शामिल हैं। दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों के सहयोग में सकारात्मक उपलब्धियां प्राप्त कीं। चीन रूस के साथ घनिष्ठ उच्च स्तरीय आवाजाही बनाए रखने, एक दूसरे के विकास और पुनरुद्धार का समर्थन करने, दोनों देशों के मूल हितों और प्रमुख चिंताओं से सम्बंधित मुद्दों पर समयबद्ध तरीके से स्थिति का समन्वय करने और चीन-रूस संबंधों के अधिक विकास को बढ़ावा देने को तैयार है।
शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और रूस के राष्ट्राध्यक्षों ने विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध की विजय की स्मृति में एक-दूसरे के देशों के समारोहों में भाग लिया, जिससे द्वितीय विश्व युद्ध के प्रमुख विजेता और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में प्रमुख शक्तियों के रूप में अपनी जिम्मेदारी का पूर्ण प्रदर्शन हुआ, द्वितीय विश्व युद्ध की विजय के परिणामों को बनाए रखने और द्वितीय विश्व युद्ध के सही ऐतिहासिक दृष्टिकोण की रक्षा करने के लिए अपने दृढ़ संकल्प को दर्शाया गया। पुतिन ने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग और मेरे नेतृत्व में रूस-चीन संबंध अत्यधिक रणनीतिक हो गए हैं और इतिहास में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मई में रूस की राजकीय यात्रा की थी और सोवियत संघ के महान देशभक्तिपूर्ण युद्ध की विजय की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भाग लिया था। कल मैं चीनी जनता के जापानी अतिक्रमण विरोधी युद्ध की विजय की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भाग लूंगा।
उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के लिए दुनिया को यह दिखाने का अवसर है कि रूस और चीन ने एक-दूसरे की मदद की और विश्व फासीवाद-विरोधी युद्ध में कंधे से कंधा मिलाकर लड़े, और ऐतिहासिक सत्य की संयुक्त रूप से रक्षा करने और द्वितीय विश्व युद्ध की विजय के परिणामों की रक्षा करने के अपने दृढ़ रुख का प्रदर्शन भी किया। विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध में रूस और चीन के बीच एकजुटता और सहयोग भी नए युग में रूस-चीन संबंधों के विकास के लिए एक ठोस आधार बन गया है। शंघाई सहयोग संगठन के थ्येनचिन शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी करने, बैठक में अनेक सहमतियों तक पहुंचने तथा शंघाई सहयोग संगठन के विकास को प्रभावी ढंग से बढ़ावा देने के लिए चीन को बधाई। दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने साझा चिंता के अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी गहन रूप से विचार-विमर्श किया। दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में 20 से अधिक द्विपक्षीय सहयोग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
Tagsचीन-रूस संबंधशी जिनपिंगव्लादिमीर पुतिनबीजिंग बैठकएससीओ शिखर सम्मेलनद्वितीय विश्व युद्धअंतरराष्ट्रीय सहयोगजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





